पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला किया है. अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि तीन चूहे उनका शिकार करने निकले हैं, जो ख़ुद शिकार हो जाएंगे.
इमरान ख़ान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए कहा, “नवाज़ शरीफ़ ने नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ एक बार भी बात नहीं की, बल्कि उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता को निर्देश दिया कि भारत के ख़िलाफ़ कोई बयान जारी नहीं किया जाए. वजह यह है कि नवाज़ शरीफ़ का पैसा भारत में भी पड़ा है.”
इमरान ख़ान ने नवाज़ शरीफ़ के अलावा पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और पीडीएम के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान को निशाना बनाते हुए कहा, “एक इनस्विंग यॉर्कर से तीनों डाकुओं की विकेट गिरा दूंगा. यह तीनों धमकी देते हैं कि हमारे ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के केस खोले गए तो तुम्हारी सरकार गिरा देंगे.”
इमरान ने आगे कहा कि “सरकार तो बहुत छोटी चीज़ है, मैं तो इसके लिए जान भी दे सकता हूं क्योंकि मैं बुराई के ख़िलाफ़ जिहाद कर रहा हूं.”
अविश्वास प्रस्ताव गिर गया तो मामला गली-कूचों तक लेकर जाएंगे: विपक्ष
विपक्षी पार्टियों ने भी इमरान ख़ान के सख़्त तेवर का जवाब उसी अंदाज़ में दिया है. विपक्षी दलों के समूह पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने कहा कि अगर उन्होंने अपने समर्थकों को सड़कों पर उतरने को कह दिया तो एक घंटे के अंदर पूरा पाकिस्तान जाम हो जाएगा.
अख़बार दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान पर हमलावर होते हुए मौलाना ने कहा- “इमरान ख़ान सुन लो, हम तुम्हें जाम करना जानते हैं. अविश्वास प्रस्ताव गिर गया तो मामला गली-कूचों तक जाएगा. सरकार नहीं चलने देंगे.”
सदन में नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि भ्रष्टाचार ख़ुद इमरान ख़ान के अपने घर में है.
विपक्षी नेताओं ने इमरान ख़ान को चुनौती देते हुए कहा, “इमरान ख़ान अपनी ज़ुबान को लगाम दें वर्ना हम ज़ुबान को क़ाबू करना जानते हैं.”
वहीं मौलाना फ़ज़लुर्रहमान और शहबाज़ शरीफ़ ने साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए कहा, “इमरान ख़ान जो ज़ुबान और हथकंडे अपना रहे हैं वो निंदनीय हैं. हम इमरान ख़ान को मुल्क को विकास के रास्ते से उतारने की इजाज़त नहीं देंगे.”
अविश्वास प्रस्ताव: सुलह-सफ़ाई की पेशकश को विपक्ष ने ठुकराया
पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सरकार की तरफ़ से की जा रही सुलह-सफ़ाई की पेशकश को ठुकरा दिया है.
अख़बार जंग के अनुसार प्रमुख विपक्षी दल मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) की प्रवक्ता मरियम औरंगज़ेब ने कहा कि गुंडे और बदमाशों से बात नहीं होती है.
मरियम ने कहा, “बातचीत राजनेताओं से होती है. एक तरफ़ राजनीतिक विरोधियों को गालियां, धमकियां और उन पर बेबुनियाद आरोप और दूसरी तरफ़ बातचीत के लेक्चर?”
उन्होंने केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी को सलाह दी कि वो प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को समझाएं जिन्होंने राजनीति को दुश्मनी में बदल दिया है.
दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस मिलने के बाद एक तरफ़ इमरान सरकार जहां सख़्त रवैया अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ़ इमरान ख़ान के कुछ मंत्री सुलह-सफ़ाई की पेशकश करते हुए नज़र आ रहे हैं.
अख़बार जंग के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि “हमें सुलह-सफ़ाई की तरफ़ जाना चाहिए. मिल-बैठ कर बातचीत से कोई हल निकालना चाहिए.” मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने भी सुलह-सफ़ाई की पेशकश करते हुए कहा, “लड़ना मुश्किल नहीं, लेकिन बाद में सुलह मुश्किल होती है. इतना बंटवारा ना हो कि किसी भी कारण बातचीत ही मुश्किल हो जाए.”
उन्होंने कहा, “प्रस्ताव ने राजनीति में तल्ख़ियां पैदा कर दीं हैं. लोकतंत्र अतिवाद पर आधारित नहीं हो सकता. लोकतंत्र कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चलता है.”
-एजेंसियां
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