नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन की महारैली और मार्च को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों के इस आयोजन की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि आज रामलीला मैदान में जो कुछ भी देखने को मिल रहा है, वह लोकतंत्र का सम्मान नहीं है, बल्कि प्रजातंत्र के नाम पर देश को अराजकता के हवाले करने की एक सोची-समझी और पूर्व-नियोजित साजिश है। उन्होंने इसे चुनाव में बार-बार जनता द्वारा पूरी तरह नकारे गए और हारे हुए नेताओं का ‘डिजाइन ड्रामा’ करार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी खेमे पर हमला बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “मैं आज देश की जागरूक जनता के सामने राहुल गांधी की राजनीति का असली मॉडल उजागर करना चाहता हूँ। इनकी राजनीति का पहला चरण लगातार झूठ बोलना और भ्रामक अफवाहें फैलाना है, दूसरा चरण सड़कों पर उतरकर अराजकता और उपद्रव का माहौल बनाना है, तीसरा चरण देश की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाना है और चौथा चरण विदेशी शक्तियों के इशारे पर जनता द्वारा चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करना है।”
1 नवंबर को आयोजित ‘ड्रामे’ के जेपी नड्डा ने बताए 4 मुख्य मकसद
बीजेपी नेता ने 1 नवंबर को हो रहे इस विपक्षी प्रदर्शन के पीछे के उद्देश्यों पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि इसके मुख्यतः चार छिपे हुए मकसद हैं:
पहला: सिख भाइयों के पुराने और संवेदनशील जख्मों पर जानबूझकर नमक छिड़कना।
दूसरा: दिल्ली में दंगे और अराजकता फैलाकर साजिश के जरिए जनता द्वारा चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को बेदखल करने की कोशिश करना।
तीसरा: त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली के स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और कारोबारियों की कमाई पर डाका डालना।
चौथा: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को धूमिल और बदनाम करना।
’दंगा आधारित राजनीति से नहीं, संविधान से चलेगा देश’
विपक्षी मार्च और रामलीला मैदान में आयोजित विशाल रैली पर अपनी बात खत्म करते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “भारत एक सशक्त, परिपक्व और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह देश आपकी इस दंगा-आधारित नकारात्मक राजनीति से कभी नहीं चलेगा, बल्कि यह भारत के पवित्र संविधान और जनता के स्पष्ट जनादेश से ही संचालित होगा। रामलीला मैदान की यह रैली कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होने जा रही है।”
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा रामलीला मैदान तक एक विशाल मार्च निकाला गया, जहाँ विभिन्न घटक दलों के शीर्ष नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया।
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