नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों को लेकर बदले नियमों और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने के बीच कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मंच मिल गया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कांग्रेस को ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने के लिए औपचारिक रूप से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) जारी कर दिया है। इसके तहत यह मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आरक्षित रहेगा।
यह घटनाक्रम ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्षी दलों का विरोध लगातार गहराता जा रहा है, और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है।
MCD की उपलब्धता के बाद पुलिस ने दी मंजूरी
सेंट्रल दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने जानकारी दी कि कांग्रेस ने सबसे पहले नगर निगम (MCD) से रामलीला मैदान की उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की थी। निगम की ओर से पुष्टि की गई कि यह मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खाली और उपलब्ध है। इसके बाद कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा।
डीसीपी ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई बैठकों और सुरक्षा संबंधी तमाम पुख्ता इंतजामों पर चर्चा के बाद पुलिस ने एनओसी जारी करने का निर्णय लिया। शनिवार को ही यह सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है, जिसे अब कांग्रेस पार्टी एमसीडी के पास जमा कराएगी ताकि औपचारिक अनुमति प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयारियां शुरू की जा सकें। बता दें कि रामलीला मैदान की जमीन का मालिकाना हक और नियंत्रण एमसीडी के पास है।
तीन वैकल्पिक स्थल किए गए हैं निर्धारित
गौरतलब है कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए पारंपरिक स्थल रहे जंतर-मंतर की मान्यता खत्म किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने तीन नए वैकल्पिक स्थल तय किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जो भी अन्य राजनीतिक दल या संगठन इन निर्धारित स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं, वे तय प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करके अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।
CEC के इस्तीफे और SIR के विरोध में हुंकार
कांग्रेस की यह प्रस्तावित रैली ऐसे वक्त में हो रही है जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों से राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों और विभिन्न कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग कर रहे हैं। इन विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा सख्ती बरतते हुए सेंट्रल दिल्ली से 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया था।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों के नेतृत्व में हाल ही में हुए आंदोलनों और गिरफ्तारियों के चलते भी दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा हुआ है, जिससे आगामी रैलियों और प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
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