विश्व हृदय दिवस पर आगरा में शिक्षकों का अनूठा सेवा अभियान, जानिए क्या किया

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रक्तदान से जीवन बचाने और वृक्षारोपण से पर्यावरण संवारने का संकल्प

विश्व हृदय दिवस पर डायट आगरा में रक्तसंजीवनी कार्यक्रम; 111 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, 79 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान

रक्तदान और वृक्षारोपण के साथ समाजसेवा का अनूठा संदेश

आगरा। 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में निर्वाचन कर्मचारी वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के सौजन्य से ‘रक्तसंजीवनी’ कार्यक्रम के अंतर्गत द्वितीय रक्तदान शिविर एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 111 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 79 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को सामाजिक सरोकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण अभियान का रूप दे दिया। रक्तदान के साथ वृक्षारोपण कर मानव जीवन की रक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया।

दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष आगरा माननीया डॉ. मंजू भदौरिया, उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य डायट आगरा विजय प्रताप सिंह तथा निर्वाचन कर्मचारी वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अजय सिकरवार ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके पश्चात मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम को विधिवत प्रारंभ किया गया।

सैकड़ों शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर लिया रक्तदान में हिस्सा

रक्तदान शिविर में सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान किया और समाज में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षक केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

एक रक्तदान से तीन लोगों के जीवन को मिल सकता है सहारा

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को रक्तदान से होने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान तीन व्यक्तियों का जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने निर्वाचन कर्मचारी वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस दिव्य एवं भव्य कार्यक्रम को सराहनीय और वंदनीय पहल बताया।

रक्तदान के साथ वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य डायट विजय प्रताप सिंह ने कहा कि रक्तदान के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए वृक्षारोपण का आयोजन कर संगठन ने बहुत ही अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि रक्तदान जहां किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में योगदान देता है, वहीं वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदोरिया ने रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने रक्तदाताओं को दी शुभकामनाएं

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए सभी रक्तदाताओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने रक्तदान जैसे मानवीय कार्य में शिक्षकों की सहभागिता को समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया।

विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कार्यक्रम को बताया ऐतिहासिक

कार्यक्रम के समापन अवसर पर एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं अनुकरणीय बताते हुए आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनका पूर्ण समर्थन रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए संगठन से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

अजय सिकरवार बोले—शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से हर वर्ष होता है रक्तदान शिविर

निर्वाचन कर्मचारी वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अजय सिकरवार ने बताया कि संगठन द्वारा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से प्रत्येक वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष जलियांवाला हत्याकांड में बलिदान हुए सेनानियों की स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। पिछले वर्ष 37 यूनिट रक्तदान किया गया था तथा समर्पण रक्त बैंक के सहयोग से लगभग 51 लोगों को रक्त उपलब्ध कराकर उनके जीवन को बचाने में योगदान दिया गया।

इस बार शिक्षकों ने तोड़ा पिछले वर्ष का रक्तदान रिकॉर्ड

संगठन के महामंत्री मानवेंद्र तोमर ने बताया कि इस वर्ष सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मिलकर पिछले वर्ष से अधिक रक्तदान किया और पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की बढ़ती सहभागिता इस अभियान के प्रति समाज में बढ़ रही जागरूकता का प्रमाण है।

रक्तसंजीवनी कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

संगठन के संगठन मंत्री संजय सिंह तोमर ने कहा कि ‘रक्तसंजीवनी’ कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग रक्तदान के महत्व को समझें और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की इस मुहिम से जुड़ सकें। उन्होंने रक्तदाताओं एवं सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

डॉ. मनोज वार्ष्णेय ने स्वयं रक्तदान कर पेश की मिसाल

कार्यक्रम का सफल संचालन डायट प्रवक्ता डॉ. मनोज वार्ष्णेय ने किया और उन्होंने स्वयं भी रक्तदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने शरीर को 100 प्रतिशत मेडिकल के लिए डोनेट करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि वह हर वर्ष तीन बार रक्तदान करने का संकल्प लेकर सेवा कर रहे हैं। उनका यह संकल्प उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायी रहा।

111 प्रतिभागी, 79 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान

आयोजकों के अनुसार रक्तसंजीवनी कार्यक्रम में कुल 111 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 79 लोगों ने रक्तदान किया। शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता ने रक्तदान अभियान को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। रक्तदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने जरूरतमंदों के जीवन में योगदान देने का मानवीय संकल्प मजबूत किया।

इनकी रही प्रमुख सहभागिता

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष अनुपम शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष रघुकुल रमन, कोषाध्यक्ष अजय बौद्ध, प्रदेश प्रभारी नीरज वरुण, प्रदेश उपाध्यक्ष अजय लोधी, जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र जादौन, जिला मंत्री लोकेंद्र शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अवधेश सिकरवार, जिला उपाध्यक्ष प्रशांत राजपूत, मंडल अध्यक्ष प्रभु दयाल, जिला मीडिया प्रभारी अमित श्रीवास्तव, हरेश चौहान प्रदेश अध्यक्ष विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन एवं जिला महामंत्री अरविंद दुबे, ज्ञानेंद्र चौहान मंडल अध्यक्ष जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ आगरा मंडल सहित अनेक शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षकों और सहयोगियों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

कार्यक्रम में प्रार्थना मिश्रा, आम्रपाली परिहार, मंजरी, श्वेता सिंह, माया शुक्ला, शिव सिंह, चंद्र शेखर, राहुल सक्सेना वरिष्ठ लिपिक बीआरसी खंदौली, राहुल गुप्ता लिपिक बीएसए ऑफिस, अक्षय सिकरवार, रश्मि सिंघल, सरिता कर्दम, रजनी गुप्ता, आरती जैन, डॉ. सत्यपाल सिंह एवं डॉ. सतीश सिकरवार की भी सहभागिता रही।

समर्पण रक्त बैंक की चिकित्सीय टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

रक्तदान शिविर में समर्पण रक्त बैंक के डॉ. वतन कुमार एवं समस्त चिकित्सीय टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। चिकित्सीय टीम की देखरेख में रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। आयोजन में रक्तदाताओं की सुविधा, स्वास्थ्य सुरक्षा और व्यवस्थित रक्त संग्रह पर विशेष ध्यान दिया गया।

विधायक डॉ धर्मपाल सिंह ने पहुंचकर शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया

संपादकीय : शिक्षक जब समाजसेवा की राह पर उतरते हैं

अजय सिकरवार ने शिक्षकों को समाजसेवा से जोड़कर स्थापित की अनुकरणीय परंपरा

रक्तदान केवल रक्त की कुछ बूंदें देने का नाम नहीं है। यह वास्तव में किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने की मानवीय जिम्मेदारी स्वीकार करना है। जब इस जिम्मेदारी को शिक्षक समुदाय अपने कंधों पर उठाता है तो उसका संदेश और भी व्यापक हो जाता है, क्योंकि शिक्षक समाज में केवल ज्ञान का प्रकाश ही नहीं फैलाते, बल्कि अपने आचरण से सामाजिक चेतना की दिशा भी निर्धारित करते हैं।

आगरा में आयोजित रक्तसंजीवनी कार्यक्रम इसी दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। निर्वाचन कर्मचारी वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अजय सिकरवार की विशेष सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को साथ लेकर समाजसेवा की एक ऐसी पहल को आगे बढ़ाया, जिसमें रक्तदान और वृक्षारोपण दोनों को एक साथ जोड़ा गया। एक ओर रक्तदान के माध्यम से जीवन बचाने का प्रयास हुआ तो दूसरी ओर वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

आज जब सामाजिक संस्थाओं और संगठनों के सामने लोगों को केवल भाषणों से निकालकर वास्तविक सेवा कार्यों से जोड़ने की चुनौती है, ऐसे समय में अजय सिकरवार द्वारा शिक्षकों को समाजसेवा के लिए संगठित करना एक दुर्लभ और उल्लेखनीय प्रयास कहा जा सकता है। विशेष बात यह है कि यह कोई एक दिन की औपचारिक गतिविधि नहीं दिखाई देती; संगठन द्वारा प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने और पिछले वर्ष 37 यूनिट रक्तदान के साथ जरूरतमंदों तक रक्त पहुंचाने का उल्लेख इस सेवा परंपरा की निरंतरता को दर्शाता है।

इस बार 111 प्रतिभागियों में से 79 लोगों द्वारा रक्तदान किया जाना बताता है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो और उद्देश्य मानवीय हो तो लोग स्वेच्छा से आगे आते हैं। शिक्षकों की इतनी बड़ी भागीदारी स्वयं में समाज के लिए प्रेरक संदेश है। इससे यह धारणा मजबूत होती है कि शिक्षक की भूमिका विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है; वह समाज के संकट के समय भी अपनी जिम्मेदारी निभा सकता है।

अजय सिकरवार की पहल का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि उन्होंने शिक्षक समुदाय की सामूहिक शक्ति को सामाजिक सेवा से जोड़ा। व्यक्तिगत रूप से किया गया सेवा कार्य महत्वपूर्ण होता है, लेकिन जब वही भावना किसी संगठन के माध्यम से सामूहिक अभियान बन जाती है तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। रक्तसंजीवनी कार्यक्रम इसका एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

आज आवश्यकता ऐसे ही अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाने की है, ताकि रक्तदान को केवल किसी आपात स्थिति की मजबूरी न मानकर नियमित सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाए। इसी प्रकार वृक्षारोपण को भी केवल पौधा लगाने की औपचारिकता से आगे बढ़ाकर उसके संरक्षण और संवर्धन से जोड़ा जाना चाहिए।

निर्वाचन कर्मचारी वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश, उसके पदाधिकारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, चिकित्सीय टीम और सभी रक्तदाताओं ने मिलकर जिस सेवा भावना का परिचय दिया है, वह निश्चित रूप से उल्लेखनीय है। विशेष रूप से प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अजय सिकरवार की यह पहल सराहना योग्य है कि उन्होंने शिक्षकों को साथ लेकर समाजसेवा को एक संगठित और निरंतर अभियान का रूप देने का प्रयास किया।

समाज को आज ऐसे ही निष्काम सेवा, सामूहिक सहभागिता और मानवीय संवेदना की आवश्यकता है। रक्त की एक यूनिट किसी परिवार के लिए उम्मीद बन सकती है और एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार। इसलिए रक्तसंजीवनी जैसे कार्यक्रम केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए सार्थक कदम हैं।

डॉक्टर भानु प्रताप सिंह, संपादक

Dr. Bhanu Pratap Singh