आगरा में साइबर टिपलाइन की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, गूगल फोटोज के जरिए आपत्तिजनक बाल सामग्री भेजने के आरोप में दो पर केस दर्ज

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आगरा साइबर क्राइम थाने में साइबर टिपलाइन से प्राप्त गंभीर शिकायतों के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दोनों ही मामलों में गूगल फोटोज (Google Photos) प्रोफाइल के जरिए आपत्तिजनक और बच्चों से जुड़ी संवेदनशील सामग्री भेजने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अछनेरा निवासी राहुल वर्मा और दुर्गा नगर (कुबेरपुर) निवासी राज शर्मा को नामजद कर डिजिटल जांच शुरू कर दी है।

साइबर टिपलाइन पर मिली शिकायतों की जांच के बाद कार्रवाई, अछनेरा और कुबेरपुर निवासी नामजद

आगरा। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए आगरा साइबर क्राइम थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दोनों मामलों में गूगल फ़ोटोज़ प्रोफाइल के माध्यम से आपत्तिजनक बाल यौन सामग्री भेजने के आरोप सामने आए हैं। साइबर टिपलाइन पर प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों मामलों में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले मामले में अछनेरा निवासी राहुल वर्मा को नामजद किया गया है। शिकायत की जांच के दौरान संबंधित गूगल फ़ोटोज़ प्रोफाइल और उससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर पुलिस ने पड़ताल शुरू की। आरोप है कि प्रोफाइल के माध्यम से आपत्तिजनक बाल यौन सामग्री भेजी गई।

दूसरे मामले में दुर्गा नगर, कुबेरपुर निवासी राज शर्मा को नामजद किया गया है। इस मामले में भी साइबर टिपलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर जांच की गई। शिकायत में गूगल फ़ोटोज़ प्रोफाइल के माध्यम से बाल यौन सामग्री भेजे जाने का आरोप लगाया गया है।

साइबर क्राइम पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस संबंधित प्रोफाइल, डिजिटल गतिविधियों और सामग्री भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए माध्यमों की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि संबंधित प्रोफाइल का संचालन किस डिवाइस और इंटरनेट कनेक्शन से किया गया।

दोनों मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67B बच्चों को दर्शाने वाली यौन सामग्री के इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशन, प्रसारण, वितरण आदि से संबंधित अपराधों का प्रावधान करती है। पुलिस अब उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान संबंधित ऑनलाइन अकाउंट, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

साइबर अपराध से जुड़े ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायतों की तकनीकी जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक यौन सामग्री के मामलों में कानून के तहत विशेष प्रावधान भी लागू होते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh