प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की 12वीं (उत्तर मध्यमा) की परीक्षा में प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल करने वाले प्रतापगढ़ के छात्र रजनीश यादव की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। फर्जीवाड़े और दस्तावेजों में हेरफेर का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड ने उनकी डिग्रियां निरस्त कर दी हैं। इसके साथ ही टॉपर बनने पर दी गई एक लाख रुपये की सम्मान राशि और अन्य पुरस्कार भी वापस लिए जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा क्षेत्र के बैजलपुर निवासी रजनीश ने संस्कृत बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 89.36 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश टॉप किया था। इस शानदार सफलता के बाद उन्हें एक लाख रुपये की नकद सम्मान राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था, यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें मंच पर सम्मानित किया था। किसान परिवार के इस छात्र की सफलता को संघर्ष की मिसाल बताया जा रहा था, लेकिन अब इस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पड़ोसी की शिकायत पर हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
रजनीश के पड़ोसी जगत प्रसाद ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर जब जांच की गई, तो छात्र के पूर्व के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए और उसके नाम तथा जन्मतिथि में बड़ा फेरबदल पकड़ा गया।
शिकायतकर्ता जगत प्रसाद का आरोप था कि छात्र के पूर्व शैक्षणिक अभिलेखों, राशन कार्ड और मतदाता सूची में उसका वास्तविक नाम अजय कुमार और जन्मतिथि 13 मई 1998 दर्ज थी। बाद में आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में बदलाव करके नया नाम रजनीश यादव और जन्मतिथि 01 जुलाई 2010 दर्ज करवा ली गई। इसी फर्जी दस्तावेज और बदली हुई उम्र के आधार पर उसने संस्कृत विद्यालय में प्रवेश लिया और 2026 की परीक्षा दी। आरोप है कि साल 2020 में जमीनी रंजिश के चलते अजय कुमार उर्फ रजनीश पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, और उसी कानूनी मामले से बचने के लिए उसने अपनी पहचान और उम्र में यह हेरफेर किया।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई
शिकायत सही पाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कड़ा कदम उठाते हुए रजनीश यादव के पूर्व मध्यमा (हाई स्कूल) और उत्तर मध्यमा (इंटीमीडिएट) के सभी शैक्षिक दस्तावेजों को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही उसे मिले पुरस्कारों को वापस लेने और सम्मान निधि की राशि राजस्व की भांति वसूल किए जाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
पट्टी के क्षेत्राधिकारी (CO) ने बताया कि पड़ोसी की शिकायत पर आरोपी छात्र के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना (Forgery) और जालसाजी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जब पुलिस और मीडिया की टीमें रजनीश के घर पहुंचीं, तो वहां उसकी मां और बहन मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया, और रजनीश घर से नदारद मिला। पुलिस इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे की अन्य कड़ियों को खंगालने में जुटी है।
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