आगरा में सरकारी हरियाली अभियान पर ‘मेला’ पड़ा भारी: मुख्यमंत्री के आगमन पर सहेजे गए पौधों को डिवाइडर पर दुकानें लगाकर किया जा रहा नष्ट

स्थानीय समाचार

आगरा: केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड पर आयोजित शीतला माता मेले के दौरान प्रशासन की लचर व्यवस्था और पर्यावरण के प्रति उदासीनता ने स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। नागरिकों का आरोप है कि मेले की व्यवस्था के नाम पर न केवल यातायात को बाधित किया जा रहा है, बल्कि भीषण गर्मी में बड़ी मुश्किल से सहेजे गए पौधों को भी नष्ट किया जा रहा है।

पौधों के अस्तित्व पर संकट

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मार्च के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री के आगरा आगमन के दौरान डिवाइडिंग चैनल पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए थे। नगर निगम के साथ मिलकर स्थानीय लोगों ने भीषण गर्मी में कड़ी मशक्कत करते हुए इन पौधों को पानी देकर जीवित रखा था। लेकिन अब शीतला माता मेले के दौरान डिवाइडर पर ही दुकानें लगा दी गई हैं, जिससे कई पौधे दबकर टूट रहे हैं और सूखने की कगार पर हैं। लोगों का कहना है कि हरियाली बढ़ाने का सरकारी संकल्प इस प्रकार की लापरवाही से धूमिल हो रहा है।

अवरुद्ध हुआ दयालबाग का मुख्य मार्ग

पौधों के नुकसान के अलावा, मेला प्रशासन पर सड़क को संकरा करने के भी आरोप हैं। मेले की दुकानें सड़क के मुख्य हिस्से तक फैला दी गई हैं, जिससे दयालबाग जाने वाला मुख्य मार्ग संकरा हो गया है। इस कारण प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों, स्कूल जाने वाले बच्चों और स्थानीय लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों का कहना है कि यदि यह अव्यवस्था पूरे महीने जारी रही, तो क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह से ठप हो सकता है।

​प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस पूरे मामले का संज्ञान लिया जाए। लोगों ने सुझाव दिया है कि मेले की दुकानों को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाए कि न तो पौधों को नुकसान पहुंचे और न ही यातायात में कोई बाधा उत्पन्न हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा सकता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh