आगरा में अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाई गई ईद-उल-अजहा, शाही ईदगाह से लेकर ताजमहल तक छाई अमन की फिजा

स्थानीय समाचार

आगरा। ताजनगरी आगरा में गुरुवार का दिन रूहानी सुकून और आपसी भाईचारे के नाम रहा। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। नए परिधानों में सजे-धजे लोगों के चेहरों पर खुशी और दिलों में देश के लिए अमन-चैन की दुआएं थीं। शाही ईदगाह में सुबह 6:47 बजे हजारों नमाजियों ने एक साथ सजदा कर शांति और खुशहाली का पैगाम दिया।

​ताजमहल में दिखा वैश्विक भाईचारा

मोहब्बत की निशानी ताजमहल के परिसर में भी बकरीद की नमाज अदा की गई। इस दौरान न केवल स्थानीय लोगों ने, बल्कि बड़ी संख्या में नाइजीरियाई पर्यटकों ने भी नमाज में शिरकत की। नमाज के बाद विदेशी सैलानियों और स्थानीय लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। यह दृश्य गंगा-जमुनी तहजीब की उस खूबसूरत तस्वीर को बयां कर रहा था, जिसमें सरहदें मिटकर इंसानियत का रिश्ता सबसे ऊपर दिखाई दिया।

सुरक्षा का कड़ा पहरा

त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। डीसीपी सिटी के अनुसार, शाही ईदगाह सहित आगरा की कुल 181 मस्जिदों में नमाज शांतिपूर्ण रही। आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की गई, तो वहीं जमीन पर पुलिस बल का कड़ा पहरा रहा। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना न फैल सके।

​गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

नमाज के बाद एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश मुस्लिम पंचायत के सदस्यों ने ईदगाह के बाहर पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार से गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग उठाई। पंचायत सदस्यों ने तर्क दिया कि गौ तस्करी और दुर्दशा रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने “रहीम भी हमारे हैं और राम भी प्यारे हैं” का नारा देते हुए स्पष्ट किया कि गाय की सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी है और इसे राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।

​फतेहपुर सीकरी में भी दिखा उल्लास

ऐतिहासिक नगरी फतेहपुर सीकरी में भी बकरीद का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। शाही जामा मस्जिद (दरगाह) में हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। एएसआई और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के बीच पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। थाना प्रभारी आनंद वीर सिंह ने क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

कुल मिलाकर, आगरा और फतेहपुर सीकरी में ईद-उल-अजहा का पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव न रहकर इंसानियत, त्याग और एकता का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

Dr. Bhanu Pratap Singh