उद्यमशीलता और सेवा का संगम: सुनील कुमार जैन ने दिव्यांगों के जीवन में भरी नई रोशनी
जन्मदिन बना सेवा का पर्व
आगरा। जब लोग जन्मदिन पर केक काटते हैं, तब कुछ लोग इतिहास लिखते हैं।
आगरा विकास मंच के संयोजक
सुनील कुमार जैन ने अपने जन्मदिवस को सेवा का उत्सव बनाते हुए दिव्यांगजनों के जीवन में उम्मीद की लौ जला दी। इस अवसर पर जरूरतमंदों को उपकरण और रोजगार सामग्री वितरित कर यह संदेश दिया गया कि असली जश्न वही है जो किसी के जीवन में बदलाव लाए।
आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
कार्यक्रम के दौरान तीन दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, चार को व्हीलचेयर तथा दो दिव्यांगों को रोजगार से जुड़ा आवश्यक सामान प्रदान किया गया। यह पहल सिर्फ मदद नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना है—ताकि वे किसी पर निर्भर न रहकर अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

राजकुमार जैन का प्रेरक बयान
आगरा विकास मंच के अध्यक्ष
राजकुमार जैन ने भावुक शब्दों में कहा,
“दिव्यांग सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सुनील कुमार जैन के जन्मदिवस पर यह पहल हमारे लिए एक संकल्प है कि हम समाज के उन लोगों तक पहुंचें, जो अक्सर निराशा में जीते हैं। हमारा प्रयास है कि वे भी आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन को नई दिशा दे सकें।”

समाज के गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति
इस सेवा कार्य में समाज के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें
कमलचंद जैन,
विजय सेठिया,
आशीष जैन,
ध्रुव जैन,
सुशील जैन,
संदेश जैन,
डॉ. सुनील शर्मा,
डॉ. रमेश एमिजा,
डॉ. बी.के. अग्रवाल,
डॉ. अरुण जैन,
डॉ. विजय कटयाल,
जयरामदास और
राकेश जैन विशेष रूप से शामिल रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।

संपादकीय: सेवा की मिसाल—आगरा विकास मंच और संयोजक सुनील कुमार जैन
आज के दौर में जहां समाज अक्सर अपने स्वार्थ में उलझा नजर आता है, वहीं
आगरा विकास मंच और इसके संयोजक
सुनील कुमार जैन एक ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं, जो प्रेरणा का स्रोत है। यह कार्य केवल सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त मॉडल है।
सुनील कुमार जैन ने यह साबित कर दिया कि असली नेतृत्व वही है, जो कमजोर वर्ग को मजबूत बनाए। दिव्यांगों को उपकरण और रोजगार देना केवल दान नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो हर व्यक्ति अपने स्तर पर बदलाव ला सकता है।
आगरा विकास मंच की यह पहल पूरे समाज के लिए एक आईना है—कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और
सुनील कुमार जैन इस धर्म के सच्चे पुजारी हैं।
— डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक