मशहूर शायर मुनव्वर राना ने कैराना में पलायन के मसले पर बोलते हुए कहा था कि अगर दोबारा योगी सरकार बनी तो वे यूपी छोड़ जाएंगे। राना ने कहा है कि ‘करीब 6 महीने पहले हमने कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में असदुद्दीन ओवैसी की मदद से योगी सरकार आएगी तो हम प्रदेश से पलायन कर लेंगे, जिसके बाद हमें काफी परेशान किया गया। मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। इसके साथ ही मेरे बेटे को पकड़ा गया।’
उन्होंने कहा कि योगी का दौर इमर्जेंसी से खतरनाक दौर है। पूरे हिंदुस्तान में इमर्जेंसी में जो कुछ हुआ, वह सबके साथ हुआ लेकिन योगी सरकार के चाढ़े चार-पांच सालों के कुकर्म था, उसमें सिर्फ मुसलमान ही निशाने पर थे।
मुनव्वर राना ने कहा कि ‘आप सरकार हैं, मालिक हैं। आपको मंदिर भी बनवाना चाहिए और मस्जिद भी बनवानी चाहिए। गिरिजा भी बनवाना चाहिए। गुरुद्वारे की भी देखभाल करनी चाहिए। सब का साथ, सबका विकास का नारा झूठा है या फिर कार्यकाल झूठा रहा है।’
राना ने कहा, ‘जितनी सियासी पार्टियां हैं, उनके फरिश्ते निकल पड़े हैं। खासकर सत्तानशीं पार्टी के फरिश्ते तो पूरी तैयारी के साथ निकल पड़े हैं। उन्हें यह याद ही नहीं है कि उन्होंने जात-पात के नाम पर उत्तर प्रदेश को कितना परेशान किया है। उन्होंने एक जाति विशेष की हमदर्दी में दूसरी जातियों को कितना भुला दिया। यह भी वे भूल गए। उन्होंने यह भी भुला दिया कि ऑक्सिजन की कमी से यहां लाखों लोग मरे।’
मुनव्वर ने कहा, ‘उन्होंने यह भी भुला दिया कि कोरोना के जमाने में पैदल गुजरते लोगों में कितने लोग भूख और कितने हादसों में मर गए। उन्होंने यह भी भुला दिया कि गंगा ने उन लाखों को उगल दिया, जिन्हें जमीन नहीं मिल पाई थी। जिन्हें जलाने वाले नहीं मिले थे। यानी गंगा ने उन गुनाहों को उगल दिया था, योगी सरकार के लोगों की वजह से हुए थे।’
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पलायन-पलायन रट रही है, लेकिन इनकी वजह से काफी लोग परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार का मुसलमानों में इतना खौफ है कि कोई बोल ही नहीं सकता है। ये सरकार सिर्फ एक जाति विशेष के नेताओं की मदद कर रही है और अगर फिर भी ओवैसी की बेवकूफी की वजह से बीजेपी सरकार आ जाती है तो हमें यहां रहने की कोई जरूरत नहीं है।
अपनी शेरो-शायरी से ज्यादा विवादास्पद बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मुनव्वर राना ने बीजेपी और योगी सरकार पर बेहद तीखे तंज किए हैं। योगी आदित्यनाथ की पीएम नरेंद्र मोदी की संग पिछले दिनों वायरल तस्वीर का भी उन्होंने अपने ढंग से विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सपने में भी प्रधानमंत्री बनने के ख्वाब देखते हैं।
सियासत में कंधे पर हाथ खतरनाक
एक न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत में राना ने कहा, ‘योगी को दिन रात ख्वाब में प्रधानमंत्री की कुर्सी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और योगी के कंधे पर हाथ रखकर चलने की तस्वीर के पीछे की सच्चाई दूसरी है। मुनव्वर ने कहा कि सियासत में कंधे पर हाथ रखना बेहद खतरनाक है। मोहब्बत में कंधे पर हाथ रखने का मतलब कुछ और होता है जबकि सियासत में इसके मायने बिल्कुल बदल जाते हैं।
मोदी को योगी के पैर छूने चाहिए थे
राना ने कहा कि सियासत में इसका मतलब यह है कि अब हम लोग दोस्त नहीं हैं, जबकि मोहब्बत में इसका मतलब है कि अब हम सिर्फ दोस्त हैं। योगी हिंदू मान्यता के हिसाब से जिस जगह पर खड़े हैं, वहां मोदी जी को उनके पैर छूने चाहिए थे। कंधे पर हाथ तो बराबर का आदमी रखता है। योगी तो मठाधीश हैं और न जाने क्या-क्या हैं। कोई भी शख्स उनसे मिले तो सिर झुकाना होता है।
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