Agra News: फतेहपुर सीकरी में सांडों का ‘खूनी संघर्ष’, पर्यटकों में मची भगदड़, गोल्फ कार्ट की बैरिकेटिंग टूटी, बाल-बाल बची जान

स्थानीय समाचार

फतेहपुर सीकरी (आगरा)। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी फतेहपुर सीकरी में आवारा गोवंश का आतंक अब पर्यटकों की जान पर बन आया है। बीते दिन पर्यटकों के लिए खास तौर पर विकसित ‘गुलदस्ता पार्किंग’ में दो सांडों के बीच हुए भीषण युद्ध ने वहां मौजूद देशी-विदेशी सैलानियों को खौफजदा कर दिया। सांडों की भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि गोल्फ कार्ट स्टैंड के पास लगी लोहे की बैरिकेटिंग तक उखड़ गई।

बैरिकेटिंग टूटी, कुर्सियां उड़ीं; मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्किंग स्थल पर सांडों की लड़ाई के दौरान कैंटीन पर रखी कुर्सियां और मेजें तितर-बितर हो गईं। मौके पर मौजूद टूरिस्ट गाइड और पर्यटक जान बचाने के लिए इधर-बदल भागते नजर आए। गनीमत रही कि उस वक्त सांडों के सीधे निशाने पर कोई पर्यटक नहीं आया, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।

​गौशालाओं के दावों की खुली पोल

भले ही सरकार ने गौशालाओं के लिए भारी बजट आवंटित किया हो, लेकिन फतेहपुर सीकरी की सड़कों और स्मारकों के बाहर घूमते आवारा सांड कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। कस्बे के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी और तेरहमोरी इलाके में गोवंश के झुंडों के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं। किसानों को रात-भर खेतों में पहरा देना पड़ रहा है, जबकि ब्लॉक स्तर पर पशु पकड़ने वाले वाहन धूल फांक रहे हैं।

पर्यटन की छवि को लग रहा धक्का

रोजाना हजारों सैलानियों की आवाजाही वाले इस अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र पर इस तरह की लापरवाही भारत की छवि को नुकसान पहुँचा रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पर्यटन क्षेत्रों को ‘नो-कैटल ज़ोन’ घोषित किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि भविष्य में किसी सैलानी के साथ कोई अनहोनी न हो।

Dr. Bhanu Pratap Singh