मथुरा: दशकों तक सड़कों पर भीख माँगने की प्रताड़ना सहने वाले नर हाथी ‘मनु’ के लिए आज का दिन बेहद खास है। मथुरा स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस (Wildlife SOS) के हाथी अस्पताल परिसर में मनु के सुखद और सुरक्षित जीवन का एक वर्ष पूरा हो गया है। एक साल पहले जब उसे रेस्क्यू किया गया था, तब वह मौत के करीब था, लेकिन आज वह एक सम्मानजनक जीवन जी रहा है।
36 घंटे जमीन पर पड़ा रहा था मनु
रेस्क्यू के समय 58 वर्षीय मनु की हालत अत्यंत दयनीय थी। वह उत्तर प्रदेश के एक जिले में कमजोरी के कारण गिर गया था और 36 घंटे तक उठ नहीं पाया था। सालों के दुर्व्यवहार के कारण वह अपनी दोनों आँखों की रोशनी खो चुका था और शरीर पर गहरे घावों व जोड़ों के दर्द से तड़प रहा था। उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने विशेष लिफ्टिंग उपकरणों की मदद से उसे खड़ा किया और अस्पताल पहुँचाया।
लेजर थेरेपी और विशेष देखभाल से सुधार
पशु चिकित्सकों की टीम ने मनु के इलाज के लिए आधुनिक लेजर थेरेपी, चिकित्सीय मालिश और विशेष दवाओं का सहारा लिया। चूंकि मनु पूरी तरह नेत्रहीन है, इसलिए उसके बाड़े को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह बिना चोट लगे सुरक्षित घूम सके।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि मनु का सुधार टीम की मेहनत और करुणापूर्ण देखभाल का परिणाम है। आज मनु न केवल शारीरिक रूप से मजबूत हुआ है, बल्कि वह अपने पसंदीदा गन्ने और सेब का आनंद लेते हुए एक खुशहाल जीवन बिता रहा है।
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