लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शुक्रवार की सुबह लोगों के लिए दहशत भरी रही। राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र लखनऊ का पड़ोसी जिला गोंडा था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.7 दर्ज की गई है।
गोंडा के इस गांव में था केंद्र
वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र गोंडा जिले के इटियाथोक क्षेत्र स्थित ‘इटहिया नवीजोत’ गांव में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। सुबह 7:32 बजे जब लोग अपने दैनिक कामों में जुटे थे, तभी अचानक धरती में कंपन महसूस हुआ। हालांकि तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने कुछ सेकंड तक दीवारों और फर्श में थरथराहट महसूस की।
उत्तराखंड और सिक्किम में भी हलचल
सिर्फ यूपी ही नहीं, शुक्रवार सुबह पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के बागेश्वर में भी 3.4 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं, पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में स्थिति ज्यादा गंभीर रही, जहां आधी रात को ग्यालशिंग में 4.5 तीव्रता के झटके लगे और उसके बाद 10 से अधिक बार ‘आफ्टरशॉक्स’ महसूस किए गए।
विशेषज्ञों की राय और सावधानी
भू-गर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि नेपाल की तराई से सटे होने के कारण यूपी का यह हिस्सा सिस्मिक जोन (Seismic Zone) के लिहाज से संवेदनशील है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुरानी और जर्जर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।
क्यों कांपती है धरती?
विज्ञान के नजरिए से देखें तो धरती के भीतर 7 मुख्य टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो भूकंपीय तरंगों के रूप में सतह पर कंपन पैदा करती है।
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