अगले दो महीने पाबंदियों के घेरे में आगरा: 31 मार्च तक निषेधाज्ञा जारी, बिना अनुमति जुलूस और लाउडस्पीकर पर रोक

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आगरा। आगामी त्योहारों और विभिन्न प्रतियोगी व बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमिश्नरेट आगरा में धारा 144 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163) लागू कर दी गई है। यह आदेश 1 फरवरी से प्रभावी होकर 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

जारी आदेश के अनुसार फरवरी और मार्च माह में शब-ए-बारात, महाशिवरात्रि, होलिका दहन, होली, ईद-उल-फितर, रामनवमी और महावीर जयंती जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाएं और यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं भी इसी अवधि में प्रस्तावित हैं। ऐसे में शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू की गई है।

ये रहेंगे प्रमुख प्रतिबंध

आदेश के तहत पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के समूह को बिना अनुमति परीक्षा केंद्रों के आसपास एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी। बिना पूर्व अनुमति के जुलूस, झांकी, प्रदर्शन आदि पर रोक रहेगी। ईंट-पत्थर, कांच की बोतल या किसी भी प्रकार की ऐसी वस्तु एकत्र करने पर प्रतिबंध रहेगा जिनका इस्तेमाल हिंसा में हो सकता है।

अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्टर-पंपलेट या संदेश प्रसारित करने पर भी रोक लगाई गई है। दुकानदारों और भवन स्वामियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठान के बाहर ऐसा सामान न रखें जिससे यातायात बाधित हो। सड़क जाम करने या इसके लिए उकसाने पर भी कार्रवाई होगी।

लाउडस्पीकर, डीजे और ड्रोन पर निगरानी

बिना अनुमति लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि यंत्रों के लिए निर्धारित डेसीबल सीमा का पालन अनिवार्य होगा। बैण्ड-बाजे के साथ चलने वाली साउंड ट्रॉली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। ड्रोन संचालन को लेकर भी केंद्र सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सार्वजनिक स्थानों पर शराब या नशीले पदार्थों का सेवन कर घूमने पर भी रोक रहेगी। बिना नंबर वाले वाहनों को सार्वजनिक स्थलों पर खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।

अपर पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनहित को देखते हुए आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और नियमों के पालन की अपील की है।

Dr. Bhanu Pratap Singh