सहमति का ‘अनंत’ सवाल: मुंबई में 4000 मीटर लंबी साड़ी का अनावरण, वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ उठी बुलंद आवाज़

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मुंबई। मुंबई के रॉयल ओपेरा हाउस में उस शाम सिर्फ़ एक साड़ी का अनावरण नहीं हुआ, बल्कि इतिहास, साहस और न्याय की एक अनंत कथा बुनी गई। चार किलोमीटर लंबी ‘इन्फिनिट साड़ी’ दुनिया की सबसे लंबी साड़ी के रूप में सामने आई और साथ ही वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ़ उन लाखों महिलाओं की आवाज़ बनी, जिनकी सहमति को विवाह की आड़ में अनदेखा किया गया। संस्कृति के सबसे परिचित प्रतीक को माध्यम बनाकर इस पहल ने उस कानूनी चुप्पी को सीधे चुनौती दी, जो आज भी वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने से हिचकती है।

यह साड़ी मशहूर फैशन डिज़ाइनर निवेदिता साबू द्वारा तैयार की गई है। कढ़ाई, रंगों और विशेष प्रिंट्स के ज़रिए यह परिधान न्याय की मांग करती एक प्रतीकात्मक याचिका बन जाता है, जिस पर सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इसकी लंबाई इतनी विशाल है कि यह ताजमहल के आधार को दो बार घेर सकती है। संदेश साफ़ है कि सहमति का सवाल भी उतना ही व्यापक है, जितना उसे अब तक अनदेखा किया गया।

‘इन्फिनिट साड़ी’ की प्रेरणा उस पौराणिक कथा से ली गई है, जिसमें स्त्री की रक्षा उसकी साड़ी के अनंत रूप से होती है। उसी प्रतीक को आज के संदर्भ में ढालते हुए यह पहल विवाह के भीतर भी महिला की शारीरिक स्वायत्तता और ‘ना’ कहने के अधिकार को रेखांकित करती है।

इस अभियान का नेतृत्व कर रही रेड डॉट फाउंडेशन की सह-संस्थापक और सीईओ सुप्रीत के. सिंह कहती हैं, “इन्फिनिट साड़ी पर किया गया हर हस्ताक्षर साहस का एक धागा है। इसकी हर तह उस अधिकार की गवाही देती है, जिसके तहत महिला अपनी इच्छा से हां या ना कह सकती है। सहमति कोई वैवाहिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक बुनियादी मानव अधिकार है।”

डिज़ाइनर निवेदिता साबू के अनुसार, “यह साड़ी संस्कृति के ज़रिए उसी संस्कृति को चुनौती देने और सुधारने की कोशिश है। भारत की परंपराएं बदलाव में बाधा नहीं, बल्कि उसकी नींव बन सकती हैं। मुझे गर्व है कि यह परिधान अब न्याय और समानता का प्रतीक बन गया है।”

आंकड़े इस पहल की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में हर तीन में से एक महिला को पति की ओर से शारीरिक या यौन हिंसा झेलनी पड़ी है। इसके बावजूद 90 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शिकायत दर्ज नहीं करातीं, क्योंकि कानून आज भी उन्हें पर्याप्त संरक्षण नहीं देता।

यौन हिंसा से उबर चुकीं पीड़िता और सामाजिक कार्यकर्ता जारिया पाटनी कहती हैं, “जब पीड़ित, समाज और नीति-निर्माता एक साथ खड़े होते हैं, तब बदलाव अपरिहार्य हो जाता है। वैवाहिक बलात्कार अब विवाह की आड़ में छिपा नहीं रह सकता।” अभिनेता और अभियान एंबेसडर राहुल भट्ट ने भी इसे इंसानियत से जुड़ा सवाल बताते हुए कहा कि घर हर महिला के लिए सुरक्षित होना चाहिए, कानून चाहे जो कहे।

रॉयल ओपेरा हाउस में अनावरण के बाद ‘इन्फिनिट साड़ी’ को कला घोड़ा आर्ट्स फेस्टिवल 2026 में प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी एल्फिंस्टन कॉलेज में 31 जनवरी से 8 फरवरी तक चलेगी, जहां यह साड़ी एक कलाकृति नहीं, बल्कि एक जीवंत सवाल बनकर दर्शकों के सामने खड़ी होगी।
‘इन्फिनिट साड़ी’ एक सीधी याद दिलाती है कि विवाह सहमति को खत्म नहीं करता और ‘ना’ कहने का अधिकार कभी समाप्त नहीं होता।

-अनिल बेदाग/up18news

Dr. Bhanu Pratap Singh