लखनऊ। देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को नफरत और विघटनकारी सोच का खतरनाक परिणाम बताते हुए तीखा बयान दिया है।
नफरत की मानसिकता का नतीजा है हत्या : अखिलेश
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या नफरत फैलाने वाली मानसिकता का बेहद घृणित उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विघटनकारी सोच रोज किसी न किसी की जान ले रही है और सरकारी संरक्षण में ऐसे तत्व विषबेल की तरह फल-फूल रहे हैं। इससे देश और देश की एकता-अखंडता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
शांतिप्रिय समाज से एकजुट होने की अपील
सपा अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा हिंसक हालातों में सबसे जरूरी है कि शांतिप्रिय और सौहार्दपूर्ण विचार रखने वाले लोग एकजुट हों। समाज में मौजूद ऐसे असामाजिक और नफरती तत्वों की पहचान कर उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले समय में कोई भी इनकी हिंसा का शिकार हो सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले में सर्वोच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्यायपालिका को आगे आना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
सरकार का आश्वासन
वहीं उत्तराखंड सरकार की ओर से कहा गया है कि घटना बेहद गंभीर है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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