वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब तीन श्रद्धालु अचेत होकर गिर पड़े। उसके कुछ ही देर बाद उनकी माैत हो गई। बेहोश होने के बाद उन्हें मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन पर भी तबीयत बिगड़ने से बिहार के एक व्यक्ति की माैत हो गई। परिजन इनकी लाश को लेकर अपने-अपने घर चले गए।
सिलीगुड़ी के निवासी एक व्यक्ति का हरिश्चंद्र घाट पर किया गया अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु महाकुंभ से काशी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने आए थे। पोस्टमार्टम करवाने से परिजनों ने इन्कार कर दिया था, जिससे माैत के कारण का पता नहीं चला सका। इनमें सिर्फ सिलीगुड़ी के निवासी एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया गया।
मृतकों में बिहार के छपरा निवासी संजय कुमार (43) सिलीगुड़ी (पंश्चिम बंगाल) निवासी (54) और दिल्ली निवासी शक्ति माथुर (63) शामिल रहे। बताया जा रहा है कि दोपहर बाद श्रद्धालु करतारबद्ध होकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंच थे। उनके गिरते ही परिजन भी हैरान हो गए कि आखिर क्या हो गया?
सूचना पाकर मंदिर के कर्मचारी माैके पर पहुंचे। चेहरे पर पानी मारकर होश में लाने की कोशिश की गई लेकिन कुछ आवाज नहीं आ रही थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को मंडलीय अस्पताल भेजा गया, जहां डाॅक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कैंट रेलवे स्टेशन पर मुजफ्फरपुर (बिहार) के निवासी विजैन सेन की हालत खराब होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया। यहां डाॅक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। इनमें किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं किया गया।
-साभार सहित
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