आगरा। अधिग्रहित जमीन वापसी के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात और सहकारिता विभाग में घोटालेबाज अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर किसान दो अलग-अलग स्थानों पर धरना दिए बैठे हैं। सुबह से शाम तक इन किसानों को समर्थन देने वालों के आने जाने का सिलसिला रहता है। पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिल पाने की वजह से धरने पर बैठ किसानों को कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे रात और दिन गुजारना पड़ रहा है।
सहकारिता विभाग के घोटालेबाज अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे किसान नेता श्याम सिंह चाहर की हालत अन्न-जल त्यागने के कारण खराब होती जा रही है। अधिकारियों के मनाने पर भी वह दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से पहले अनशन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। हालांकि अन्न जल त्यागे दूसरे किसान मजदूर नेता चौ. दिलीप सिंह की हालत में सुधार है।
आज अपर आयुक्त प्रशासन मंजूलता ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर भ्रष्ट दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई करने को कहा है। आज किसान नेता श्याम सिंह से मिलने के जिला अस्पताल कई नेता पहुंचे। सभी ने प्रशासन की हठधर्मिता की आलोचना की।
दूसरी और इनर रिंग रोड पर जमीन वापसी की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों को समर्थन देने के लिए पूनम पंडित पहुंचीं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि वह उनकी लड़ाई को राज्य से लेकर केंद्र तक लड़ने को तैयार हैं। क्षेत्र के भाजपा नेताओं द्वारा किसानों को मनाने का आज भी प्रयास किया गया पर किसान मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
आज पूर्व ब्लाक प्रमुख जगवीर तोमर ने किसानों को मनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा की कल भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। वहां उनकी बात रखेंगे और मुलाकात का समय मांगेंगे। पर किसान नहीं माने। कोहरा और ठंड के बावजूद किसानों का हौंसला बुलंद है।
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