श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान एकदशी और शनिवार का बना शुभ संयोग
मान्यता के अनुसार भक्तों ने प्रथम पूज्य महागणपति के दर्शन के बाद किया नारायण का पूजन
आगरा− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर बना है दक्षिण भारतीय शैली से
आगरा। शनिवार को भाद्रपद की परिवर्तिनी एकादशी के शुभ योग पर भक्तों ने श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शन का पुण्य लाभ कमाया। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर प्रथम पूज्य महागणपति के दर्शन किये। इसके बाद श्रीनारायण हरि विष्णु और शनिदेव की आराधना की। आगरा फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में इन दिनों श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
प्रतिदिन नित्य अभिषेक, प्रातः एवं संध्या हवन, सहस्त्रनाम पाठ, महाआरती और महाभाेग की सेवाएं चल रही हैं, जिसमें भक्त बढ़चढ़ की भाग ले रहे हैं। उत्सव के आठवें दिन नित्य अभिषेक जतिन गर्ग, वस्त्र, श्रंगार, पूर्ण दिवस भाेग एवं फल सेवा मुंबइ निवासी हरिश चंद्र की ओर से रही।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान आने वाली एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है किंतु गणेश उत्सव के दौरान आने वाली एकादशी पर गणेश जी का विशेष पूजन किया जाता है। और इस बार तो ये योग शनिवार को बना है। इसलिए भक्तों ने शनिदेव की आराधना भी की।
मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दक्षिण भारतीय पद्वति से होने वाली पूजा एवं हवन की क्रिया भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति दे रही हैं। भक्तों मंत्रों के उच्चारण एवं दो घंटे के वैदिक हवन के बाद प्रसन्नचित्त होकर घर लौटते हैं।
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