गाजा में बंधक बनाए गए इसराइली लोगों की रिहाई के लिए हज़ारों लोगों ने इसराइल में शनिवार देर रात मार्च निकाला है. आंदोलनकारियों ने पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू पर अपने फायदे के लिए जंग को आगे बढ़ाने के आरोप लगाए हैं. एक आंदोलनकारी ने कहा है कि “जंग नहीं ज़िंदगी ज़रूरी है.” ये मार्च उस वक्त निकाला गया है जब ग़ज़ा में संघर्ष विराम को लेकर काहिरा में शांति वार्ता चल रही है.
मिस्र और कतर की मध्यस्थता में यह वार्ता शनिवार को शुरू हुई है. इस वार्ता में हमास के अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं.
शनिवार को पहले राउंड की वार्ता बेनतीजा रही. वार्ता रविवार (आज) को भी जारी रहेगी. इसराइल ने इसराइली बंधकों की रिहाई के बदले 40 दिन तक संघर्ष विराम का प्रस्ताव दिया है.
इसराइल ने इस प्रस्ताव में यह भी कहा है कि वो फस्लतीनी कैदियों को रिहा करेगा. हमास के अधिकारियों का कहना है कि वो ऐसे किसी भी प्रस्ताव के लिए राज़ी नहीं होगा जिसमें ग़ज़ा में स्थाई संघर्ष विराम की बात ना हो.
-एजेंसी
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