NPCI की विदेशी शाखा ने नामीबिया के लिए UPI जैसी त्वरित भुगतान प्रणाली विकसित करने के वास्ते बैंक ऑफ नामीबिया (BON) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत की यूपीआई प्रौद्योगिकी और अनुभवों का लाभ उठाकर साझेदारी का उद्देश्य नामीबिया को अपने वित्तीय परिवेश तंत्र को आधुनिक बनाने में मदद करना है। इसमें घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय भुगतान तंत्र के साथ पहुंच, सामर्थ्य व संपर्क और अंतर-संचालन में सुधार करना शामिल है।
बयान में कहा गया, एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने नामीबिया के लिए यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) जैसी त्वरित भुगतान प्रणाली विकसित करने में सहायता के लिए बैंक ऑफ नामीबिया (बीओएन) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
एनपीसीआई इंटरनेशनल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितेश शुक्ला ने कहा, “इस प्रौद्योगिकी को सक्षम करने से देश को डिजिटल भुगतान परिदृश्य में संप्रभुता प्राप्त होगी। बेहतर भुगतान अंतर-संचालन व वंचित आबादी के लिए बेहतर वित्तीय पहुंच से लाभ होगा।”
बैंक ऑफ नामीबिया के गवर्नर जोहान्स गवाक्सैब ने कहा, “हमारा मकसद वंचित आबादी के लिए पहुंच और सामर्थ्य को बढ़ाना। 2025 तक भुगतान साधनों की पूर्ण अंतर-संचालनीयता हासिल करना, वित्तीय क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना और एक सुरक्षित व कुशल राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली सुनिश्चित करना है।”
-एजेंसी
- हर बच्चे की थाली में सुरक्षित भोजन: पोषण, स्वच्छता और गुणवत्ता का संकल्प - September 30, 2026
- संत प्रेमानंद महाराज के साधक की मौत की गुत्थी उलझी: FSL जांच के लिए भेजे गए ब्लड सैंपल, पुलिस हर एंगल से कर रही पड़ताल - September 30, 2026
- ‘इस्तीफा दें या न दें, हमारा आंदोलन जारी रहेगा’—CEC विवाद को लेकर आक्रामक तेवर में नजर आए राहुल गांधी - September 30, 2026