देश के ऐतिहासिक टैक्स सुधार की दिशा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू हुए पूरे 5 साल हो गए हैं। मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को अप्रत्यक्ष कर की इस नई व्यवस्था को लागू कर टैक्स सुधार का बड़ा कदम उठाया था। जीएसटी के लागू होने के बाद रोजमर्रा की कई चीजों पर टैक्स की दरें बदल गई थी। तब सरकार का जीएसटी को लागू करने का उद्देश्य कर के आधार को बढ़ाना,राजस्व में वृध्दि करना, करों का सरलीकरण करना एवं इनपुट क्रेडिट में निर्बाध गति लाना था। लगातार बढ़ते राजस्व से सरकार अपने उद्देश्य में कुछ हद तक कामयाब भी हुई है।
सरकार के लगातार प्रयास के बावजूद अभी करों का सरलीकरण नहीं हो पाया है। देश भर में वस्तुओं एवं सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए एक समान कर प्रणाली लागू तो हो गयी है। परन्तु अभी भी भारत में व्यापार को और आसान करने के लिए इस जटिल प्रणाली के और सरलीकरण करने की आवश्यकता है। जीएसटी सम्बन्धी क़ानूनी विवाद भी अभी नये एवं प्रारंभिक चरण में है जिनके आगे चलकर और अधिक बढ़ने की आशंका है, सरकार को इन विवादों को भी जल्द से जल्द हल करने के प्रयास करने होंगे।
सीए दीपिका मित्तल
कर विशेषज्ञ, आगरा
9412342584
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