टोक्यो यात्रा पर जा रहे डॉ. गिरीश सी. गुप्ता — सम्मान, संवेदना और संस्कृति के राजदूत
भावभीनी विदाई सभा में गूँजा भारत-जापान मित्रता का स्वर
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
आगरा। रिस्पेक्ट एज इंटरनेशनल (आर.ए.आई.), इंडिया द्वारा सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
डॉ. गिरीश सी. गुप्ता को जापान के टोक्यो में 12 से 20 अक्तूबर 2025 तक आयोजित होने वाले
ओआईएससीए इंटरनेशनल विश्व सम्मेलन में भाग लेने के अवसर पर भावभीनी विदाई सभा आयोजित की गई।
सभा में वातावरण गर्व, उल्लास और आत्मीयता से भरा रहा।
वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और पीढ़ी-सौहार्द के प्रतीक
डॉ. गिरीश सी. गुप्ता, जो ओआईएससीए इंटरनेशनल के सबसे वरिष्ठ सक्रिय सदस्य हैं,
सम्मेलन में सम्मानित किए जाएंगे।
उन्होंने अपने जीवन को वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, पीढ़ियों के सौहार्द और वैश्विक सहयोग को समर्पित किया है।
वे आधुनिक युग के उन विरले व्यक्तित्वों में हैं जो संवेदना को अंतरराष्ट्रीय संवाद में बदलने की कला जानते हैं।
भारत-जापान सहयोग की नई पहल
डॉ. गुप्ता इस यात्रा के दौरान भारत-जापान आदान-प्रदान कार्यक्रम का प्रस्ताव रखेंगे,
जैसा कि मॉरीशस मॉडल में सफलतापूर्वक हुआ था।
वे आगरा की प्रशिक्षित नर्सों को जापान में केयरगिवर के रूप में रोजगार दिलाने की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे।
यह कदम भारत की युवा पीढ़ी के लिए रोजगार और अंतरराष्ट्रीय अनुभव दोनों का सेतु बनेगा।
परंपरा का पुनर्जीवन — ताजमहल की प्रतिकृति भेंट
अपने इस दौरे में डॉ. गुप्ता टोक्यो के सबसे वरिष्ठ नागरिक को ताजमहल की प्रतिकृति भेंट करेंगे।
यह वही परंपरा है जो उनके स्वर्गीय पिता ने 1962 में निभाई थी।
उस समय Tokyo Shimbun ने इस ऐतिहासिक घटना पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
अब वही अखबार 1962 के अंक की प्रति रिस्पेक्ट एज इंटरनेशनल को उपलब्ध कराने जा रहा है,
ताकि उसे संगठन के अभिलेखों में सुरक्षित रखा जा सके।
इतिहास की पुनरावृत्ति और गौरव का क्षण
यह गौरवशाली संयोग है कि वर्ष 1975 में जब डॉ. गुप्ता जापान गए थे,
तब उन्होंने वहाँ के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया और उपहार भेंट किए थे।
उस अवसर पर जापानी प्रिंस एवं प्रिंसेस ने उन्हें औपचारिक रात्रि भोज (Formal Dinner) के लिए आमंत्रित कर सम्मानित किया था।
यह परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की सौम्यता और गरिमा का संदेश देती है।
समारोह में उमड़ा स्नेह और सम्मान
सभा में उपस्थित कार्यकारी अध्यक्ष श्री वी. डी. अग्रवाल, उपाध्यक्ष कर्नल ए. मनोहर नायडू,
कोषाध्यक्ष श्री आर. एस. गोयल, निर्देशक दीपक पी. अग्रवाल, मंजू गोयल एवं मंजू गुप्ता ने डॉ. गुप्ता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
सभी ने कहा — “वे एक सच्चे पुत्र हैं, जो अपने पिता के पदचिह्नों पर चलकर संवेदना, गरिमा और सम्मान की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।”
संपादकीय
डॉ. गिरीश सी. गुप्ता केवल एक नाम नहीं, एक दृष्टि हैं —
ऐसी दृष्टि जो समय, संस्कृतियों और पीढ़ियों को जोड़ती है।
वे उस विरासत के वाहक हैं जिसने संवेदना को सेवा और सेवा को सम्मान बना दिया।
उनका यह टोक्यो दौरा सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भागीदारी नहीं,
बल्कि भारत की आत्मा का विदेशों में स्पंदन है।
वे आधुनिक भारत के उस चेहरे का प्रतिनिधित्व करते हैं जो परंपरा में जड़ें रखकर भी
भविष्य की ओर दृढ़ता से देखता है।
डॉ. गिरीश गुप्ता वास्तव में “रिस्पेक्ट एज” की जीवंत परिभाषा हैं —
जहाँ उम्र नहीं, अनुभव बोलता है; जहाँ पद नहीं, प्रतिष्ठा चमकती है।
Dr Bhanu Pratap Singh
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