लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासी गलियारों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक नया और दिलचस्प ट्रेंड तेजी से उभर रहा है, जिसे देखकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम हो गई है कि इस बार का चुनावी रण ‘भगवान के भरोसे’ लड़ा जाएगा। चुनाव जीतने और अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए सूबे के तमाम दिग्गज नेता और माननीय अब पारंपरिक राजनीतिक रैलियों से हटकर धार्मिक कथाओं और अनुष्ठानों का सहारा ले रहे हैं।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कहीं भव्य रामकथा, कहीं शिव महापुराण तो कहीं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए देश के नामचीन और लोकप्रिय कथावाचकों को आमंत्रित किया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि आगामी गणेश उत्सव और शारदीय नवरात्रि के पावन अवसरों पर भी भव्य भजन संध्याओं का आयोजन करके लाखों की संख्या में भीड़ जुटाने की पुख्ता प्लानिंग की जा रही है।
राजनेताओं के लिए भीड़ जुटाने का सबसे असरदार नुस्खा बना धर्म
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस तरह के भव्य आयोजनों से राजनेताओं को क्या और कितना फायदा मिल सकता है? इस सवाल पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दौर में पारंपरिक राजनीतिक रैलियों और जनसभाओं के नाम पर जनता को एकजुट करना आसान नहीं रह गया है, क्योंकि आम जनता अब ऐसी सभाओं से कतराने लगी है। ऐसे में, धर्म और लोक-आस्था का दामन थामकर जनता को एक ही मंच पर इकट्ठा करना राजनेताओं के लिए बेहद आसान हो जाता है।
इन धार्मिक आयोजनों के बहाने नेता न सिर्फ अपनी सियासी ताकत का अहसास कराते हैं, बल्कि कई जटिल चुनावी समीकरण भी बड़ी आसानी से साध लेते हैं। जानकारों का कहना है कि यह ‘धार्मिक-राजनीतिक कल्चर’ इन दिनों उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के नेताओं में सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है।
प्रमुख नेताओं के धार्मिक आयोजनों की सूची और सियासत
यूपी सरकार में मंत्री मनोज पांडेय इस समय अपने गृह क्षेत्र ऊंचाहार में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) के मुख से भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन करवा रहे हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन लगभग 50 हजार से 80 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विशेष रूप से यहां पहुंचकर कथा का श्रवण किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल भाजपा संगठन के तमाम पदाधिकारी भी लगातार यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख और कुंडा से विधायक राजा भैया आगामी 17 से 19 नवंबर के बीच मशहूर कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) के सान्निध्य में भव्य हनुमंत कथा का आयोजन करने जा रहे हैं। कुंडा में आयोजित होने वाले इस बड़े धार्मिक कार्यक्रम में प्रतापगढ़ के अलावा पड़ोसी जिलों जैसे कौशांबी, प्रयागराज और अन्य इलाकों से 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की भारी संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि राजा भैया की पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कुंडा के बाबागंज के साथ-साथ प्रतापगढ़, कौशांबी और प्रयागराज की कई चुनिंदा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की ठोस तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने गृह क्षेत्र बलिया के दिउली स्थित ऐतिहासिक बाबा बालखंडी नाथ मंदिर के समीप बीते 9 से 15 जून के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा से शिव महापुराण कथा संपन्न कराई थी। इससे पहले इसी वर्ष 20 से 28 मार्च के बीच उन्होंने अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित राजघाट पर श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन कराया था, हालांकि उस दौरान अंतिम दिन एक अप्रत्याशित हादसे में आग लगने से पूरा विशाल पंडाल जलकर खाक हो गया था।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व बाहुबली सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने गृह क्षेत्र गोंडा के कैसरगंज में गत 4 से 6 जनवरी के बीच प्रख्यात संत श्री रितेश्वर महाराज के माध्यम से भव्य रामकथा का सफल आयोजन कराया था। इस कथा के दौरान संत रितेश्वर महाराज ने सार्वजनिक मंच से बृजभूषण शरण सिंह की आध्यात्मिक रुचि और उनके सेवाभाव की खुलकर प्रशंसा की थी।
लखनऊ की उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. नीरज बोरा ने 1 से 9 जून 2026 तक सीतापुर रोड स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय परिसर में प्रख्यात विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य के मुख से रामकथा का आयोजन करवाया। इस आध्यात्मिक समागम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिरकत की थी। कथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने विधायक डॉ. नीरज बोरा के राजनीतिक व सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा था कि राजनीति केवल किसी कुर्सी या पद के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह धर्म और जनता की निस्वार्थ भाव से सेवा करने का माध्यम है।
इसी कड़ी में, अन्य नेताओं ने भी अपनी राजनीतिक जमीन और दावेदारी को धार देने के लिए इसी मार्ग को चुना है। जून माह के दौरान एक अन्य स्थान पर राजन जी महाराज के माध्यम से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन कराया गया, जिसमें हर दिन 50 से 60 हजार लोग शामिल हुए। वहीं, प्रयागराज की पश्चिम और दक्षिण विधानसभा सीटों पर अपनी चुनावी दावेदारी को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम राशि खर्च कर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की ‘श्री हनुमंत कथा’ का आयोजन कराया गया था, जो 21 से 23 अप्रैल 2026 तक चली। इसके अलावा मार्च 2026 के मध्य में अपने पैतृक आवास पर श्रीमद्भागवत कथा का पाठ कराया गया, जिसमें राज्य के कई मंत्री और विधायक पहुंचे। इस आयोजन के जरिए उनकी कोशिश अपनी पुरानी छवि को बदलकर भाजपा की मुख्यधारा के रंग में पूरी तरह ढलने की रही।
वहीं, हंडिया के देवबरा धाम में भी मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान 9 दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक संजय भाई जोशी ने भी विशेष रूप से शिरकत की थी। भगवंतनगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे अरुण सिंह ने भी क्षेत्र में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया है, जो अक्टूबर-नवंबर 2026 के तय कार्यक्रम के तहत चल रही है।
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