रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। चर्चित जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आधिकारिक शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। यह सख्त कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में (13 अक्टूबर को) ईडी की एक विशेष टीम ने रामपुर जिला जेल पहुंचकर आजम खान से लगभग आठ घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
अजीमनगर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट की ओर से इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर अजीमनगर थाने में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की गई है। यह पूरा मामला जौहर ट्रस्ट और उससे संबद्ध यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन, फंड के स्रोतों और उनमें बरती गई कथित गड़बड़ियों के इर्द-गिर्द घूमता है। जांच एजेंसी इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि ट्रस्ट को देश-विदेश या विभिन्न माध्यमों से कुल कितना धन प्राप्त हुआ और उस पैसे का इस्तेमाल किन-किन कार्यों में किया गया।
पीएमएलए और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
ईडी की यह शिकायत धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के प्रावधानों से जुड़ी हुई है। अजीमनगर थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5) और 318(4) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1) और 13(2) को भी शामिल किया गया है। इन कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज मुकदमे से अब जांच एजेंसियों को कथित वित्तीय अनियमितताओं, हेरफेर और भ्रष्टाचार से जुड़े तमाम पहलुओं की खुली जांच करने का अधिकार मिल गया है।
ट्रस्ट के फंड और खर्च का पूरा हिसाब खंगाल रही एजेंसी
गौरतलब है कि जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह पूरा प्रकरण पिछले काफी समय से केंद्रीय और राज्यीय जांच एजेंसियों के मुख्य रडार पर रहा है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रस्ट को मिलने वाले अनुदान और चंदे के पैसे को किस तरह प्रबंधित किया गया। इसके अलावा, सरकारी ठेकेदारों और विभिन्न भुगतानों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की भी सूक्ष्म जांच की जा रही है। इससे पहले भी एजेंसी इस मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब नई एफआईआर दर्ज होने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच का दायरा और अधिक व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
जेल में आठ घंटे की पूछताछ के बाद उठाया गया कदम
इससे पहले 13 अक्टूबर को ईडी की एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम रामपुर जिला जेल के भीतर गई थी। टीम ने वहां बंद आजम खान से लगभग आठ घंटे तक लगातार मैराथन पूछताछ की थी। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब अधिकारी जेल परिसर से बाहर आए, तो उन्होंने मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत करने से परहेज किया था। हालांकि, उस मैराथन पूछताछ के तुरंत बाद ईडी के उच्च अधिकारी की शिकायत पर अजीमनगर थाने में यह नई एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
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