गाजीपुर में खाकी पर लगे गंभीर दाग: 10वीं की छात्रा ने सिपाही पर लगाया शादी का झांसा देकर यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का आरोप

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गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दिलदारनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली 10वीं कक्षा की 17 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा ने गहमर थाने में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण करने, अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और अन्य लोगों के पास भेजने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, जबकि आरोपी सिपाही ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया है।

मामला दिलदारनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोपी सिपाही मोहित यादव गहमर थाने में तैनात बताया गया है। पुलिस के मुताबिक शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं सिपाही ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए खुद को फंसाने की कोशिश किए जाने का दावा किया है।

ट्रेन में हुई थी मुलाकात, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल

छात्रा के मुताबिक करीब छह महीने पहले वह अपनी बुआ के साथ लखनऊ घूमने गई थी। लौटते समय हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में उसकी मुलाकात मोहित यादव से हुई। बातचीत के दौरान मोहित ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और अपना मोबाइल नंबर दे दिया। छात्रा का आरोप है कि इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। सिपाही उससे प्यार और शादी की बातें करने लगा। धीरे-धीरे उसने छात्रा का भरोसा जीत लिया और उसे होटल ले जाने लगा। छात्रा का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने उसकी बिना कपड़ों वाली तस्वीरें और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा।

​दूसरे लोगों के पास भेजने और यौन शोषण का गंभीर आरोप

छात्रा ने आरोप लगाया कि सिपाही ने शादी के खर्च का हवाला देकर उससे पैसे कमाने की बात कही। उसके मुताबिक आरोपी उसे दूसरे लोगों के पास भेजने और उनके साथ संबंध बनाने के लिए कहता था। छात्रा का दावा है कि इस तरह उसका कई लोगों ने यौन शोषण किया।

उसने यह भी आरोप लगाया कि सिपाही और उसके साथियों ने निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। छात्रा के मुताबिक उसने डर के कारण अपनी बुआ को पूरी बात बताई और उनसे मदद मांगी।

वीडियो में छात्रा ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है और उसे न्याय चाहिए। उसने यह भी कहा कि बदनामी के डर से परिवार के कुछ लोग मामले को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन वह अपनी शिकायत वापस नहीं लेना चाहती।

शिकायत के बाद बयान बदलने का दबाव और धमकियां

छात्रा के अनुसार सिपाही ने उसे व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर शादी करने की बात कही और शिकायत वापस लेने के लिए कहा। सामने आई बताई जा रही चैट में भी शादी के लिए तैयार होने और मिलने आने की बात का जिक्र है। छात्रा का आरोप है कि उसने 5 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह जमानिया के सीओ के पास पहुंची, जहां उसका बयान दर्ज किया गया।

 

बयान बदलने का दबाव और परिवार को धमकाने का आरोप

छात्रा ने आरोप लगाया कि बयान दर्ज कराने के बाद लौटते समय आरोपी सिपाही एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ मिला। उसने छात्रा, उसके पिता और बुआ को धमकी दी और बयान बदलने का दबाव बनाया। छात्रा का दावा है कि उससे जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि सिपाही अपने वकील के साथ उसके घर पहुंचा और समझौता करने के लिए दबाव बनाया। छात्रा के मुताबिक उसके माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी भी दी गई। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। छात्रा बोली- मैं पीछे नहीं हटूंगी, मुझे न्याय चाहिए

सिपाही बोला- मुझे फंसाया जा रहा है

आरोपी मोहित यादव ने छात्रा के आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि ट्रेन में मुलाकात के दौरान एक अन्य युवक छात्रा का वीडियो बना रहा था। उसके कहने पर उसने उस युवक का मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट कराया था। सिपाही के मुताबिक इसके बाद छात्रा ने उसका नंबर लिया और दोनों के बीच काफी समय तक बातचीत होती रही। अब उसे इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस ने कहा- जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

जमानिया के सीओ अंकित तिवारी ने बताया कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में है और विभागीय जांच चल रही है। एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने भी शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, छात्रा के आरोपों, कथित व्हाट्सऐप चैट और परिवार को धमकाने के दावों की जांच अहम है। आरोपी सिपाही ने आरोपों से इनकार किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh