आगरा में दवा कारोबार की ‘सफाई’: फर्जी और निष्क्रिय ड्रग लाइसेंस होंगे निरस्त, आयुक्त के सख्त तेवर

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​आगरा। दवाओं के अवैध कारोबार, नकली औषधियों और नशीली दवाओं की बिक्री पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अब मोर्चा संभाल लिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने प्रदेशव्यापी ‘थोक ड्रग लाइसेंस सत्यापन अभियान’ को आगरा में और तेज कर दिया है। सर्किट हाउस में आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने दो-टूक कहा कि फर्जी और निष्क्रिय लाइसेंसों की आड़ में चल रहा गोरखधंधा अब नहीं चलेगा।

​किसी और के भरोसे लाइसेंस चलाना पड़ेगा भारी

आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि यदि कोई लाइसेंसधारी अपनी दुकान या प्रतिष्ठान खुद संचालित न करके किसी और के माध्यम से चला रहा है, तो ऐसे मामलों में लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई भी होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का लक्ष्य उन सभी ‘निष्क्रिय’ लाइसेंसों को बाहर करना है, जो केवल कागज पर हैं लेकिन असल में संदिग्ध गतिविधियों का अड्डा बने हुए हैं। नकली, एक्सपायरी और दवाओं के सैंपल की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ अब ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

​भवन स्वामियों की जिम्मेदारी तय

प्रशासन ने अब भवन स्वामियों को भी निगरानी का जिम्मा सौंपा है। आयुक्त ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि यदि कोई दवा प्रतिष्ठान अनियमित तरीके से चल रहा है या लंबे समय से बंद है, तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। इसके साथ ही, अब सभी दवा व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठान के शटर पर स्पष्ट रूप से फर्म का नाम, लाइसेंस नंबर, जीएसटी नंबर और मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन न करने वाली दुकानों पर सीलिंग जैसी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

​व्यापारिक संगठनों ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में उपस्थित आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन की इस मुहिम का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा और महामंत्री अश्वनी श्रीवास्तव ने भरोसा दिलाया कि दवा मंडी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संगठन पूरी तरह प्रशासन के साथ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता से ईमानदार व्यापारियों को ही लाभ होगा और नकली दवाओं के कारोबारियों की पहचान आसान हो जाएगी।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्यालय से आए अधिकारी डी.के. तिवारी और ए.के. जैन के अलावा शहर के प्रमुख दवा कारोबारी और भवन स्वामी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती से उन लोगों में खलबली मची है जो लंबे समय से फर्जीवाड़े के जरिए दवा कारोबार की आड़ में अवैध काम कर रहे थे।

Dr. Bhanu Pratap Singh