लखनऊ: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आज चौथा दिन है, जब सृजन, ऊर्जा और समृद्धि की सनातन प्रतीक मां कूष्माण्डा की विधि-विधान के साथ आराधना की जा रही है। इस पवित्र मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की मातृशक्ति को नमन करते हुए महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त और दूरदर्शी संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक हमारे गांवों की नारी आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध नहीं होगी, तब तक उत्तर प्रदेश सही मायनों में समृद्ध और सशक्त नहीं बन सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, “सृजन, ऊर्जा और समृद्धि की सनातन प्रतीक मां कूष्माण्डा की आराधना का यह संदेश है कि जहां नारी को शक्ति और अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदल जाती है। उत्तर प्रदेश की नारी अब केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी भर नहीं रह गई है, बल्कि वह गांव की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है।”
2017 से पहले महिलाओं के लिए नहीं थे संसाधन और नीति
पूर्ववर्ती सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए न तो कोई खास अवसर थे, न ही पर्याप्त संसाधन और न ही उस समय की सरकारों के पास महिलाओं के उत्थान के लिए कोई सही नीति या स्पष्ट नीयत थी।
इसके विपरीत, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार राज्य की ग्रामीण बहनों और माताओं को आत्मनिर्भरता की एक नई और मजबूत राह से जोड़ रही है। सीएम योगी ने विस्तार से बताया कि आज ‘बीसी सखी’ (BC Sakhi) गांवों के भीतर घर-घर बैंकिंग सेवाओं की एक अत्यंत सशक्त और भरोसेमंद कड़ी बन चुकी हैं। इसके अलावा, ‘लखपति दीदी’ योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की एक नई और अनूठी पहचान बनकर उभरी है, जबकि ‘ड्रोन दीदी’ आधुनिक खेती और तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं।
कृषि और उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ रहे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता (Entrepreneurship) और कृषि आधारित रोजगार के नए और अनगिनत अवसरों का तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब प्रदेश की नारी केवल अपने परिवार की समृद्धि का आधार मात्र नहीं रही है, बल्कि वह सीधे तौर पर गांव की पूरी अर्थव्यवस्था की संचालक और ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा की मुख्य नेतृत्वकर्ता बन चुकी है।
अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “जब गांव की नारी समृद्ध होगी, तभी उत्तर प्रदेश सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनेगा। जय मां कूष्माण्डा।”
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