नई दिल्ली में देश की राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त और तेज हो गई जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के 10 प्रमुख नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। विपक्षी दलों का आरोप है कि देश में चुनावों के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं और वोटों की चोरी हो रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर नेताओं ने राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
इस मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से लेकर विजय चौक तक एक मार्च निकाला। इस दौरान विजय चौक पर कुछ सांसदों ने धरना देने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद तय सूची के अनुसार प्रतिनिधिमंडल के चुनिंदा नेता राष्ट्रपति से मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
राष्ट्रपति ने मांगे वोट चोरी के सबूत: राहुल गांधी
मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने चुनाव में वोट चोरी का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी पूरी बात सुनी और न तो आरोपों से इनकार किया और न ही कोई सवाल उठाया, बल्कि उन्होंने विपक्ष से इस मामले से जुड़े पुख्ता सबूत पेश करने को कहा है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ये सभी भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ एक गहरी साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जल्द ही राष्ट्रपति को वोट चोरी से जुड़े तमाम सबूत सौंपेगा। राहुल गांधी ने ऐलान किया कि विपक्ष इस मामले को लेकर अब आगामी सोमवार को देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से भी मुलाकात करेगा।
खड़गे और ममता बनर्जी ने भी उठाई आवाज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के समक्ष देश की चुनावी व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ईवीएम (EVM) को पूरी तरह हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग की है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातों को बहुत ही सकारात्मक तरीके से सुना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करें और देश के संविधान की रक्षा करें।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति भवन जाने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, एमए बेबी, डी. राजा, राजीव राय, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला, मनोज झा और थोल थिरुमावलवन जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। विपक्ष के इस आक्रामक रुख से आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने के आसार हैं।
- जनकपुरी महोत्सव में ‘हेल्प आगरा’ की एंबुलेंस बनी देवदूत: समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई पीड़ित की जान - October 9, 2026
- ‘राष्ट्रपति ने वोट चोरी का खंडन नहीं किया, हमसे सबूत मांगे’, CEC के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर बोले राहुल गांधी - October 9, 2026
- ‘राष्ट्रपति ने वोट चोरी का खंडन नहीं किया, हमसे सबूत मांगे’, CEC के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर बोले राहुल गांधी - October 9, 2026