रामपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल और हलचल देखने को मिली है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जिला कारागार पहुँचे, जहाँ उन्होंने जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर नेता आजम खान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक चली इस गुप्त मंत्रणा ने एक बार फिर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों का पारा चढ़ा दिया है। इस मुलाकात के दौरान आजम खान के बड़े बेटे अदीब आजम भी उनके साथ मौजूद रहे।
जौहर यूनिवर्सिटी में उतरा हेलिकॉप्टर, जोरदार स्वागत
निर्धारित कार्यक्रम के तहत अखिलेश यादव का हेलिकॉप्टर रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। यहाँ आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, उनके बड़े बेटे अदीब आजम, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष समेत तमाम प्रमुख पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात अखिलेश यादव सड़क मार्ग से सीधे जिला कारागार के लिए रवाना हुए। जेल में मुलाकात संपन्न होने के बाद उनके आजम खान के आवास पर भी जाने का कार्यक्रम रहा, जो कि कारागार के बेहद नजदीक स्थित है।
राजनीतिक मायनों से भरी है यह मुलाकात
पिछले कुछ समय से विपक्षी दलों विशेषकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अन्य गैर-सपाई नेताओं द्वारा लगातार यह आरोप लगाए जा रहे थे कि संकट के इस दौर में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव खुलकर आजम खान के साथ खड़े नहीं दिख रहे हैं। ओवैसी अक्सर अपनी जनसभाओं में मुस्लिम समुदाय को सपा के रुख पर सवाल खड़े करते हुए अपने नेतृत्व को लेकर सोचने की नसीहत देते रहे हैं।
ऐसे तमाम राजनीतिक हमलों और विपक्ष द्वारा हवा दी जा रही ‘दूरियों की चर्चाओं’ का करारा जवाब देने के लिए अखिलेश यादव का यह दौरा बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। इस मुलाकात के जरिए सपा प्रमुख ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि समाजवादी पार्टी आज भी आजम खान और उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।
आगामी चुनावों से पहले सपा को एकजुट करने की चुनौती
रामपुर की सियासत में पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर भी नेताओं के बीच दूरियां और मतभेद जगजाहिर रहे हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सभी स्थानीय सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक ही छतरी के नीचे लाना अखिलेश यादव के लिए बड़ी प्राथमिकता है। जेल में हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इसके क्या और कितने गहरे प्रभाव पड़ेंगे, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा, फिलहाल इस मुलाकात ने सूबे की सियासत में नया भूचाल ला दिया है।
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