यूपी में महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश का ऐलान: 19 अक्टूबर को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर और शिक्षण संस्थान

REGIONAL

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आगामी त्योहारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए दो बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सरकार ने महानवमी के पावन अवसर पर प्रदेश में 19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशों के बाद जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस दिन राज्यभर के सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में पूरी तरह अवकाश रहेगा।

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को त्योहार की खुशियों में शामिल होने, धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और किसी भी प्रकार की असुविधा से राहत दिलाना है। हिंदू धर्म में महानवमी का विशेष महत्व है, और इस दिन पूरे उत्तर प्रदेश में भव्य दुर्गा पूजा, कन्या पूजन और विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। अवकाश की घोषणा के बाद से ही लोगों ने पर्व की तैयारियां और तेज कर दी हैं।

​23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव के लिए मिलेगा विशेष अवकाश

​इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनावों को लेकर भी राज्य सरकार ने अहम व्यवस्था की है। प्रदेश के कुल 11 निर्वाचन क्षेत्रों में आगामी 23 अक्टूबर को मतदान होना है। ऐसे में निर्वाचन प्रक्रिया को सुगम बनाने और लोकतंत्र में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पात्र कर्मचारियों को अपने मताधिकार का उपयोग करने हेतु विशेष अवकाश दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह विशेष अवकाश उन सभी कामकाजी कर्मचारियों और मतदाताओं को मिलेगा जो संबंधित स्नातक या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत मतदाता हैं, ताकि वे बिना किसी प्रशासनिक या कार्यालयी बाधा के मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

किन-किन क्षेत्रों में होना है मतदान?

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को जिन प्रमुख क्षेत्रों में मतदान संपन्न कराया जाना है, उनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के तहत लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे।

राज्य सरकार का कहना है कि एक तरफ धार्मिक आस्था और त्योहार के महत्व को प्राथमिकता दी गई है, तो दूसरी तरफ लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व यानी मतदान को भी पूरी तरह सुगम बनाया गया है, ताकि नागरिक अपने धार्मिक और संवैधानिक दोनों दायित्वों को सुचारू रूप से निभा सकें।

Dr. Bhanu Pratap Singh