कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मुख्य आरोपी नौशाद अली मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, IG ने एक इंस्पेक्टर और 6 दारोगा को किया सस्पेंड

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कौशांबी और प्रयागराज की सीमा पर स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने पिपरी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारियों और चायल चौकी प्रभारियों समेत कुल 7 पुलिस अधिकारियों को घोर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी नौशाद अली का पटाखा लाइसेंस पहले ही विभिन्न अनियमितताओं के कारण रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद जब उसने धड़ल्ले से अवैध निर्माण और कारोबार जारी रखा, तो उस समय की स्थानीय पुलिस ने उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था। हालांकि, कानून की गिरफ्त से छूटकर बाहर आने के बाद भी आरोपी की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया और उसने जमानत पर रिहा होते ही एक बार फिर से अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन शुरू कर दिया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस पूरी समयावधि के दौरान संबंधित क्षेत्र में तैनात रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने इस गैरकानूनी गतिविधि के खिलाफ कोई भी प्रभावी कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा, जिसे प्रशासन ने स्पष्ट रूप से गंभीर लापरवाही माना है।

​इस प्रशासनिक कार्रवाई की चपेट में आने वाले पुलिसकर्मियों की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें निरीक्षक शिवचरण राम (तत्कालीन थाना प्रभारी पिपरी, वर्तमान प्रभारी साइबर थाना कौशांबी), उपनिरीक्षक विकास सिंह (तत्कालीन एवं निवर्तमान थानाध्यक्ष पिपरी), उपनिरीक्षक विनय सिंह (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान थानाध्यक्ष चरवा), उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान चौकी प्रभारी महगांव), उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान चौकी प्रभारी सिराथू), उपनिरीक्षक मनीष पाल (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान चौकी प्रभारी विदांव) तथा उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी (तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, वर्तमान पुलिस लाइंस कौशांबी) को निलंबित किया गया है।

​यह पूरा भयावह घटनाक्रम बीते सोमवार का है, जब पिपरी और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित एक पटाखा गोदाम में अचानक एक भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना अधिक शक्तिशाली और जोरदार था कि इसकी चपेट में आकर आसपास के कई मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इस वीभत्स दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। घटना के तुरंत बाद से ही मुख्य आरोपी नौशाद अली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया था।

सघन तलाश के दौरान पुलिस को मुखबिर से यह पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी नौशाद अली यहां से भागने की फिराक में एक बंद पड़े ईंट भट्ठे में छिपा हुआ है। इस इनपुट के आधार पर चरवा थाना क्षेत्र के ‘तेरह मील’ स्थित ईंट भट्ठे के पास पुलिस बल ने तुरंत पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। खुद को पुलिस से चारों तरफ से घिरता देख आरोपी नौशाद अली ने बचने के लिए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। कानून के रक्षकों ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसके दौरान एक गोली सीधे आरोपी नौशाद के पैर में जा लगी। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं। ज्ञात हो कि आरोपी नौशाद अली इस कांड के अन्य आरोपी मोहम्मद आदिल का पिता है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों और घायलों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। इसके तहत जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का ऐलान किया गया है।

दूसरी ओर, जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने भी इस मामले में बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने कुल 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से 2 महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी है, जिसमें पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, वर्तमान चायल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी और पूर्व चायल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष पाल को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार तथा आरक्षी कृष्ण कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

​पटाखा गोदाम में हुए इस विनाशकारी विस्फोट के संबंध में पुलिस ने जिन 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, उनमें नौशाद, शकील, शबाना, कहकसा बानो, आदिल और साइना शामिल हैं—ये सभी महमूदपुर मनौरी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धाराओं 4, 5 और 9B के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस हिरासत में ली गई दो महिला आरोपियों (शबाना और साइना) से गहराई से पूछताछ कर रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh