केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ मानहानि मामला: सुल्तानपुर कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को साक्ष्य के अभाव में किया बरी

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के एक पुराने मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट (Sultanpur MP-MLA Court) ने साक्ष्य के अभाव में राहुल गांधी को इस मामले से बरी कर दिया है। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसके बाद कांग्रेस समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

​क्या था पूरा मामला?

यह पूरा कानूनी मामला वर्ष 2018 में राहुल गांधी द्वारा की गई एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्र ने अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से आहत होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसके बाद से यह मामला सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत में विचाराधीन था और लंबी सुनवाई के बाद इस पर फैसला आया है।

​13 अक्टूबर को पूरी हुई थी अंतिम बहस

इस मामले में दोनों पक्षों के बीच कानूनी बहस की प्रक्रिया गत 13 अक्टूबर को पूरी हो गई थी। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अपनी लिखित बहस में विवादित बयान दिए जाने की बात तो स्वीकार की थी, लेकिन साथ ही यह मजबूत दलील दी थी कि वह बयान पूरी तरह से सद्भाव (Good Faith) में दिया गया था और किसी भी व्यक्ति को अपमानित करने का उनका कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था। बचाव पक्ष की ओर से बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने की बात भी रखी गई थी।

​दूसरी ओर, परिवादी (शिकायतकर्ता) पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से मांग की थी कि जब विवादित बयान दिए जाने की बात स्वीकार कर ली गई है, तो उसके आधार पर राहुल गांधी को दोषी करार दिया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसले के लिए अपनी पत्रावली सुरक्षित रख ली थी।

अदालत के फैसले से मिली राहत

सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए राहुल गांधी को दोषमुक्त करार दे दिया। इस निर्णय के आने से वर्ष 2018 से चल रहे इस मानहानि मुकदमे में राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। फैसले के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है।




Dr. Bhanu Pratap Singh