आगरा। रिश्तेदारी के भरोसे का फायदा उठाकर एक व्यक्ति के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ रिश्तेदारों ने जमीन के प्लॉट के मूल बैनामे के दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी कागजात तैयार किए और उसी प्लॉट को बैंक में गिरवी रखकर 90 लाख रुपये का भारी-भरकम लोन हासिल कर लिया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब बैंक की ओर से प्लॉट पर कब्जे और नीलामी की कानूनी कार्रवाई के संबंध में नोटिस चस्पा किया गया। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर एकता थाने में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी देने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में प्रशांत शर्मा, दिनेश शर्मा और प्रियंका शर्मा को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन तीनों ने आपसी मिलीभगत और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत पीड़ित के प्लॉट के असली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से करीब 90 लाख रुपये का कर्ज उठाया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन को बैंक के पास बंधक रख दिया गया।
रिश्तेदारी का हवाला देकर हासिल किए थे दस्तावेज
पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2017 में आरोपियों ने आपसी रिश्तेदारी का हवाला देकर और विश्वास जताते हुए उससे प्लॉट के मूल बैनामे के कागजात हासिल किए थे। उस वक्त पीड़ित को यह कतई अंदेशा नहीं था कि उसके दस्तावेजों का इस तरह का दुरुपयोग किया जाएगा। भरोसा जताते हुए उसने कागजात उपलब्ध करा दिए, लेकिन आरोप है कि बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जीवाड़ा कर बैंक से लोन ले लिया गया।
बैंक का नोटिस चस्पा होने पर हुआ शक
इस पूरे खेल का भंडाफोड़ वर्ष 2021 में उस वक्त हुआ जब बैंक की तरफ से संबंधित प्लॉट की नीलामी और कब्जे के लिए आधिकारिक नोटिस जारी कर जमीन पर चस्पा किया गया। बैंक का नोटिस देखते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे आशंका हुई कि उसकी पुश्तैनी या खरीदी गई जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर किसी ने बैंक से बड़ा कर्ज ले लिया है। इसके बाद उसने अपने स्तर पर दस्तावेजों की सच्चाई का पता लगाना शुरू किया।
सितंबर 2026 में मूल कागजात मांगने पर मिला विवाद और धमकी
पीड़ित के मुताबिक, जब उसने सितंबर 2026 में आरोपियों से अपने प्लॉट से संबंधित मूल दस्तावेज वापस मांगे, तो वे टालमटोल करने लगे और तीखा विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि कागजात लौटाने के बजाय उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों की इस करतूत के कारण उसे भारी आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के साथ-साथ कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस जांच में खुलेगी फर्जीवाड़े की परतें
पीड़ित की तहरीर पर एकता थाने की पुलिस ने प्रशांत शर्मा, दिनेश शर्मा और प्रियंका शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि बैंक से लोन स्वीकृत कराने के लिए किन-किन दस्तावेजों का प्रयोग किया गया था, उनकी सत्यता क्या है और इस पूरी ठगी में किस-किस की क्या भूमिका रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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