राज्यसभा सांसद नवीन जैन के आवास पर गूंजे जैन संतों के मंगल प्रवचन: सात मुनिराजों की आहार चर्या और पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सान्निध्य से धर्ममय हुआ वातावरण

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नई दिल्ली/आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन के नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के मंगल आगमन से पूरा परिवेश आध्यात्मिक और धर्ममय हो उठा है। इस पावन अवसर पर सांसद नवीन जैन ने सपरिवार श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और संतों से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।

सर्वप्रथम राज्यसभा सांसद नवीन जैन व उनके परिवारीजनों ने नई दिल्ली इंडिया गेट से पैदल पद विहार करते हुए अपने सरकारी आवास पर भव्य आगवानी की, तदोपरांत परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के आवास पर मंगल आगमन पर राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने सपरिवार पूज्य गुरुदेव की श्रद्धापूर्वक अगवानी की। उन्होंने विधिवत गुरुदेव के चरणों का पाद प्रक्षालन कर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ उनका स्वागत एवं वंदन किया। इस दौरान आवास का वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

इसके बाद सांसद नवीन जैन को परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मुखारविंद से मंगल प्रवचन सुनने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपने प्रवचनों में गुरुदेव ने धर्म, संयम, त्याग, तपस्या, अहिंसा और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान की। उनके मंगल वचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में सद्विचारों को अपनाने, आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने तथा संयम और सदाचार को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

इस अवसर का एक और महत्वपूर्ण धार्मिक पक्ष तब देखने को मिला, जब परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सात मुनिराजों की एक साथ आहार चर्या सांसद नवीन जैन के आवास पर संपन्न हुई। नवीन जैन ने सपरिवार इस पावन अवसर में सहभागी बनकर इसे अपने लिए परम सौभाग्य का क्षण बताया। जैन संतो की आहारचर्या विशेष रूप से अनोखी और अकल्पनीय होती है 24 घंटे में सिर्फ विशेष विधि मिलने के उपरांत खड़े होकर दोनों हाथों को मिलाकर हाथों से ही भूख से कम भोजन ग्रहण करते हैं एवं कुछ अप्रिय घटनाए होने के कारण अपना भोजन त्याग भी देते हैं, इस प्रकार का दृश्य देख कर वहां मौजूद आश्चर्यचकित हो गए,

एक साथ सात मुनिराजों का आवास पर पधारना और उनकी आहार चर्या संपन्न होना पूरे परिवार के लिए अविस्मरणीय एवं आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर रहा। संतों के चरणों से आवास का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और धर्मभाव से ओत-प्रोत हो गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भी संतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके सान्निध्य का लाभ लिया।

सांसद नवीन जैन ने भावुक होते हुए कहा, ” एक साथ सात संतों का मेरे निवास पर मंगल आगमन मेरे और मेरे पूरे परिवार के लिए जीवन पर्यंत अविस्मरणीय और परम सौभाग्य का क्षण रहेगा। आज मैं स्वयं को अत्यंत भावुक और धन्य महसूस कर रहा हूं कि पूज्य संतों के चरण मेरे निवास पर पड़े, मेरे परिवार को उनका पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ और मुझे उनका आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला। संतों का आशीर्वाद और उनका पावन सान्निध्य मेरे जीवन और मेरे परिवार के लिए सदैव एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर रहेगा।”

राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि संतों का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में आत्मकल्याण, सद्विचार और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है। परम पूज्य गुरुदेव के चरण जहां पड़ते हैं, वहां का वातावरण स्वतः ही धर्ममय और मंगलमय हो जाता है। उनके द्वारा दिए गए संयम, त्याग, तपस्या, अहिंसा और आत्मशुद्धि के संदेश जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि जैन संतों का जीवन स्वयं त्याग, तप और संयम की प्रेरणा देता है। उनके दर्शन और वचनों से मनुष्य को भौतिक जीवन के साथ-साथ आत्मिक उन्नति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का आवास पर मंगल आगमन और सात मुनिराजों की आहार चर्या संपन्न होना उनके तथा पूरे परिवार के लिए अत्यंत पुण्य एवं सौभाग्य का विषय है।

संतों के पावन सान्निध्य में संपन्न इस धार्मिक अवसर ने सांसद नवीन जैन के आवास को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धा, भक्ति, संयम और आत्मकल्याण के संदेशों के बीच पूरा वातावरण धर्ममय दिखाई दिया।

Dr. Bhanu Pratap Singh