आगरा। श्री गिरिराज जी सेवक मंडल परिवार आगरा द्वारा फतेहाबाद रोड स्थित राज देवम (नंद भवन) में भक्तिभाव एवं हर्षोल्लास के साथ भव्य नंदोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनोहारी लीलाओं का मंचन किया गया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संपूर्ण परिसर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोषों, भजन-कीर्तन और बधाइयों से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण श्री गिरिराज जी की शिला विग्रह का पावन अभिषेक रहा। वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्तिमय वातावरण के मध्य श्री गिरिराज जी महाराज का श्रद्धापूर्वक अभिषेक किया गया। इसके उपरांत श्री गिरिराज जी महाराज का अलौकिक श्रृंगार किया गया तथा भव्य फूल बंगला सजाया गया। राजसी ठाठ-बाट में विराजमान श्री गिरिराज जी महाराज ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। ठाकुरजी के अनुपम स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु अपने आपको धन्य अनुभव करते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ चरण सेवक अजय गोयल, मनोज कुमार गर्ग, श्याम सुंदर माहेश्वरी, पवन कुमार अग्रवाल, मनीष गोयल एवं नीरज अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से श्री गिरिराज जी महाराज के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं आरती कर किया गया।
नंदोत्सव के अवसर पर मनीष जैन ने नंद बाबा एवं मनीषा जैन ने यशोदा मां का स्वरूप धारण किया। दोनों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में बधाइयां एवं उपहार लुटाकर गोकुल के उस आनंदमय वातावरण को जीवंत कर दिया, जब नंद बाबा के घर कान्हा के प्राकट्य से समस्त ब्रज आनंदित हो उठा था।
संस्था के चरण सेवक एवं सेविकाएं बृजवासी बनकर उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने रजत चांदी के पालने में यशोदा मां के संग बाल कृष्ण को प्रेमपूर्वक झुलाया। पालने को झुलाते समय श्रद्धालुओं ने भजन और बधाइयां गाईं तथा पूरा परिसर ब्रज की भक्ति और उल्लास में रंग गया।
इस अवसर पर वृंदावन से पधारे आचार्य विष्णु कांत शास्त्री एवं मृदुल कांत शास्त्री ने श्रीकृष्ण की जन्म लीला एवं बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म लीला प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण केवल अत्याचार और अधर्म के विनाश के लिए ही नहीं, बल्कि संसार को प्रेम, भक्ति, करुणा और धर्म का संदेश देने के लिए हुआ। जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा एवं धर्म की स्थापना के लिए किसी न किसी रूप में अवतरित होते हैं।
उन्होंने कहा कि मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य और उसके बाद वसुदेव जी द्वारा उन्हें यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने का प्रसंग भक्तों के लिए असीम श्रद्धा और विश्वास का संदेश देता है। भगवान अपने भक्तों के जीवन में आने वाले प्रत्येक संकट का समाधान करते हैं। श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को प्रेम, सरलता, निष्कपटता और परमात्मा के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाती हैं।
गोवर्धन से पधारे कार्ष्णि गुरु हरि ओम महाराज ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। श्रीमद्भागवत भगवान के प्रति निष्काम भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि भागवत का श्रवण मनुष्य के अंतर्मन को पवित्र करता है और जीवन में सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है।
नंदोत्सव में उपस्थित भक्तों ने कृष्ण की बाल लीलाओं के मंचन का आनंद लिया और भक्ति रस में सराबोर होकर ठाकुरजी के जयकारे लगाए।
कार्यक्रम में राजीव जैन, सीमा जैन, गौरव बंसल, योगेश बंसल, रमाशंकर गुप्ता, नितिन अग्रवाल, विष्णु गोयल, प्रदीप अग्रवाल, बृजमोहन रैपुरिया, मनीष अग्रवाल, अभिषेक सिंघल, रजनीश गुप्ता, अंकुश मित्तल, निखिल अग्रवाल, सुनील मित्तल, मनीष बंसल, प्रवीण गोयल, करन गोयल, शेखर अग्रवाल, सीमा गोयल, स्वीटी गर्ग, कविता अग्रवाल, उर्मिला माहेश्वरी, आरती बंसल, मनीष गोयल, प्राची अग्रवाल, निधि अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
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