आगरा। विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अब वित्तविहीन शैक्षिक संस्थानों से जुड़े संगठन वॉइस ऑफ स्कूल एसोसिएशन (वोसा) ने भी अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है। शनिवार शाम होटल ब्रज भोग में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन ने आगरा खंड की दोनों सीटों के लिए अपने समर्थित प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की।
संगठन के सदस्यों की सर्वसम्मति के बाद स्नातक सीट से वोसा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राहुल राज और शिक्षक सीट से शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रभारी मदन मोहन शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में 12 जिलों में चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बूथ स्तर पर कमेटियों के गठन से लेकर जिला प्रभारियों की नियुक्ति तक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वोसा के इस फैसले से शिक्षक और स्नातक सीट के चुनावी मैदान में एक और संगठनात्मक ताकत सक्रिय हो गई है।
12 जिलों में बूथ स्तर तक तैयारियां
प्रेस वार्ता में संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि आगरा खंड से जुड़े 12 जिलों में वोसा से संबद्ध स्कूलों और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में सक्रिय किया जा रहा है। संगठन प्रत्येक पोलिंग बूथ पर बूथ कमेटियां गठित कर रहा है, ताकि मतदाताओं से संपर्क और चुनाव प्रबंधन को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके। बूथ कमेटियों और चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संगठन की सक्रिय सदस्य नीलम तिवारी को सौंपी गई है। चुनाव क्षेत्र को अलग-अलग जोन में विभाजित कर जिम्मेदारियां निर्धारित की जा रही हैं। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में चुनावी गतिविधियों की निगरानी और समन्वय के लिए जिला प्रभारियों की सूची भी जारी की गई है। संगठन का कहना है कि चुनावी तैयारियों को केवल नामांकन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि बूथ स्तर तक संगठनात्मक नेटवर्क को सक्रिय किया जाएगा।
यूजीसी नियमों का विरोध बनेगा मुख्य मुद्दा
वोसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राहुल राज ने प्रेस वार्ता में संगठन के चुनावी एजेंडे को भी सामने रखा। उन्होंने यूजीसी के मौजूदा नियमों और प्रावधानों का विरोध करते हुए इनके पुनर्विचार और रोलबैक की मांग की। डॉ. राहुल राज का कहना है कि संगठन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को एमएलसी चुनाव के केंद्र में लाना चाहता है। उनके अनुसार, यूजीसी से जुड़े मौजूदा प्रावधानों को लेकर संगठन के बीच असहमति है और वह इसे चुनावी मंच के माध्यम से उठाएगा। उन्होंने दावा किया कि इन प्रावधानों के कारण छात्रों के बीच भेदभाव की भावना बढ़ रही है। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि कुछ वर्गों के विद्यार्थियों में असुरक्षा और मानसिक दबाव की स्थिति पैदा हो रही है। वोसा ने इन दावों के आधार पर यूजीसी नियमों की समीक्षा और रोलबैक की मांग को अपने चुनावी अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाने की घोषणा की है।
‘वोट के जरिए सरकार तक पहुंचाएंगे अपनी बात’
वोसा पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की समस्याओं और अपनी नीतिगत मांगों को विधान परिषद चुनाव के माध्यम से राजनीतिक मंच तक पहुंचाना है। संगठन के मुताबिक, यूजीसी के मुद्दे पर शिक्षकों, वित्तविहीन शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों से जुड़े वर्गों के बीच जो असंतोष है, उसे चुनाव के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा जाएगा। संगठन का कहना है कि यूजीसी रोलबैक इस चुनाव में उसका प्रमुख मुद्दा रहेगा।
‘पार्टी के नेताओं के बजाय शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि मैदान में’
वोसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राहुल राज ने राजनीतिक दलों की ओर से शिक्षक और स्नातक सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर राजनीतिक दल ऐसे नेताओं को इन सीटों से उम्मीदवार बना देते हैं, जिन्हें विधानसभा या लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि ऐसे प्रत्याशियों का शिक्षकों, स्नातकों, वित्तविहीन विद्यालयों और शिक्षा क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से प्रत्यक्ष जुड़ाव नहीं होता। वोसा का दावा है कि पहली बार वित्तविहीन शैक्षिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधि स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर इन मुद्दों को विधान परिषद तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ. राहुल राज ने कहा कि चुनाव का परिणाम जो भी हो, संगठन की यह पहल शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में एक अलग राजनीतिक-संगठनात्मक विकल्प प्रस्तुत करेगी।
सभी स्नातक-शिक्षक सीटों पर प्रत्याशी उतारने का दावा
वोसा ने उत्तर प्रदेश की अन्य शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर भी अपने प्रत्याशी उतारने की योजना की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक, इसका उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी को चुनावी प्रक्रिया में बढ़ाना है। आगरा खंड से दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जाने के साथ संगठन ने अपने अभियान की शुरुआत कर दी है। आने वाले दिनों में जिला और बूथ स्तर पर बैठकों, मतदाता संपर्क और चुनावी रणनीति को और विस्तार देने की तैयारी है।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के महासचिव अतुल कुलश्रेष्ठ ने प्रत्याशियों की सूची पर हस्ताक्षर कर उसे आधिकारिक रूप से जारी किया। इस अवसर पर संगठन के प्रवक्ता योगेश कुलश्रेष्ठ, के.के. सिंह, सोनिया सिंह, दिलीप जौहरी, रोमा परमार, इंदु सिंह, वीरेंद्र सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, संदेश शर्मा, नकुल सारस्वत और अंकुर शंकर गौतम सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
वोसा के दोनों प्रत्याशियों की घोषणा ऐसे समय हुई है जब आगरा खंड शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी भी मैदान में उतर चुके हैं। ऐसे में संगठन की ओर से बूथ स्तर तक अभियान चलाने की घोषणा चुनावी गतिविधियों को और व्यापक बनाती है। हालांकि, वोसा द्वारा यूजीसी नियमों और अन्य शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर किए गए दावों को संगठन के राजनीतिक एवं चुनावी एजेंडे के रूप में देखा जाना चाहिए। चुनाव में इन मुद्दों पर विभिन्न दलों और प्रत्याशियों के अलग-अलग रुख सामने आने की संभावना है।
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