यूपी के हरदोई मेडिकल कॉलेज में सिस्टम फेल, बिजली गुल, जनरेटर बंद, हाथ में पंखा, टॉर्च से रोशनी के सहारे मरीज

हरदोई मेडिकल कॉलेज में सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। यहां न बिजली है और न ही जनरेटर काम कर रहा है। मरीजों के साथ मौजूद एक हाथ में पंखा पकड़े हैं तो दूसरे हाथ में टोर्च। इस दृश्य को देखने के बाद योगी सरकार की स्वास्थ व्यवस्था […]

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जयपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग का खुलासा, सोशल मीडिया पर दोस्ती, मुलाकात और फिर रेप केस की धमकी देकर करोड़ों की वसूली

राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दो महिलाओं ने मिलकर एक हाई-प्रोफाइल सेक्सटॉर्शन रैकेट चला रखा था। आरोप है कि ये महिलाएं अमीर व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को निशाना बनाकर पहले उनसे सोशल मीडिया पर दोस्ती करती थीं, फिर उन्हें निजी मुलाकात के लिए होटल बुलाया जाता था। चित्रकूट इलाके […]

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यूपी के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने बारिश को लेकर किया अलर्ट जारी, बिजली गिरने की भी संभावना

उत्तर प्रदेश में मॉनसून ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों से हल्की बारिश हो रही है तो कहीं आसमान में बादल छाए हुए हैं। गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश भी है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। […]

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योगम् शरणम् गच्छामि: मनोजन्य दैहिक बीमारियों से मुक्त होने के लिए योग है जरूरी

आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने जितनी खराबियां बटोरी हैं उस कारण मानवी मन मस्तिष्क के सम्मुख आज अनेक समस्याएं तथा चुनौतियां उपस्थित हुई हैं। खासकर पाश्चात्य जीवन शैली और रहन सहन ने मानव को मानसिक तनाव एवं अंतहीन पीड़ा के दलदल में धकेला है। इसके साथ ही तकनीकी प्रगति के भयावह जानलेवा वेग के […]

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आधी आबादी, अधूरी भागीदारी: ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में भारत की गिरती साख

प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार 21वीं सदी की सबसे बड़ी क्रांतियों में एक है—महिलाओं की भागीदारी का बढ़ना। फिर भी, जब वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2025 जारी किया, तो भारत का 131वां स्थान यह संकेत देता है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद महिला सशक्तिकरण केवल नारों में […]

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भविष्य बताने वाले, वर्तमान से बेख़बर क्यों: देश में इतने बड़े-बड़े भविष्य वक्ता… फिर भी किसी बड़े हादसे की ख़बर तक नहीं मिलती?

प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार जब आपदा आई और बाबा ऑफलाइन थे जो लोग दावा करते हैं कि उनका “ऊपर वाले से सीधा संपर्क” है, वे हर बड़ी आपदा, दुर्घटना या संकट के समय चुप क्यों हो जाते हैं? क्या उनका दिव्य नेटवर्क केवल चढ़ावे और चमत्कार तक सीमित है? यह लेख उन […]

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कोचिंग का क्रेडिट, स्कूल की गुमनामी: शिक्षकों के साथ यह अन्याय कब तक?

डॉ सत्यवान सौरभ आज कोचिंग संस्थानों को छात्रों की सफलता का सारा श्रेय मिलता है, जबकि वे शिक्षक गुमनाम रह जाते हैं जिन्होंने वर्षों तक नींव रखी। यह संपादकीय उसी विस्मृति की पीड़ा को उजागर करता है। स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक सिर्फ परीक्षा नहीं, सोच, भाषा और संस्कार गढ़ते हैं। कोचिंग एक […]

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विश्वविद्यालय: शिक्षा का मंदिर या जाति की प्रयोगशाला?

“हमारी जाति एचएयू: हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन और जातिगत अन्याय के खिलाफ उठती आवाज” प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार – देश के प्रतिष्ठित कृषि संस्थानों में गिना जाता है। पर आज यह संस्थान छात्रों के लिए जातिगत अपमान और प्रशासनिक चुप्पी का केंद्र बन गया है। […]

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कॉलर ट्यून या कलेजे पर हथौड़ा: हर बार अमिताभ क्यों?

प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार सरकार को समझना चाहिए कि चेतावनी सिर्फ चेतना के लिए होती है, प्रताड़ना के लिए नहीं। एक बार, दो बार, चलिए तीन बार — पर हर कॉल पर वही ट्यून, वही स्क्रिप्ट, वही अंदाज़ — यह सिर्फ संचार व्यवस्था को बोझिल नहीं बना रही, बल्कि जनता का भरोसा […]

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योग: मन की शुद्धि से मोक्ष तक का मार्ग

प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार मन ही सब कुछ है – यही योग का मूल मंत्र है। मन की शुद्धि, आत्म-चिंतन और संतुलन से ही जीवन में स्थिरता और शांति आती है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, आत्मा और चेतना को जोड़ने की विद्या है। आज के तनावपूर्ण समय में, योग […]

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