आगरा में 80 मिनट के गोल्डन पीरियड का फायदा उठाएगा खास: क्या आम आदमी की जान की कीमत नहीं?

आगरा: एक शाम आगरा में एक सैनिक की जिंदगी बचाने के लिए जैसी तत्परता और व्यवस्था देखने को मिली, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सेना के एक जवान को दिल का दौरा पड़ने पर 80 मिनट के ‘गोल्डन पीरियड’ में स्टेंट डालकर उनकी जान बचाई गई, वहीं दूसरी तरफ इसी […]

Continue Reading

जैन स्थानक महावीर भवन, आगरा में पर्युषण पर्व की धर्ममय छाया में हो रहा है तप, त्याग और श्रद्धा का संगम

आगरा: श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन ट्रस्ट, आगरा के तत्वावधान में जैन स्थानक महावीर भवन में चल रहे महापर्व पर्युषण का चौथा दिन भक्ति, ज्ञान और तपस्या की त्रिवेणी में डूबा रहा। धर्मप्रेमियों की उपस्थिति में वातावरण धर्ममय और उल्लासपूर्ण बना रहा, जहाँ आत्मा की शुद्धि के लिए हर मन श्रद्धा से झुकता दिखाई दिया। आगम […]

Continue Reading

दिल की बातें साफ़गोई से पेश करता है कोक स्टूडियो भारत का हिंदी गीत ‘अर्ज़ किया है’ 

मुंबई (अनिल बेदाग): कोक स्टूडियो भारत अपने तीसरे सीजन के पांचवें गाने “अर्ज़ किया है” के साथ भारत की समृद्ध संगीत परंपराओं का जश्न मना रहा है। इस खूबसूरत हिंदी गीत में मशहूर सिंगर-सॉन्गराइटर अनुव जैन ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। उन्होंने इस गाने को खुद लिखा, इसका कॉन्सेप्ट बनाया, संगीत दिया और इसे गाया […]

Continue Reading

वेरा फार्मिगा और पैट्रिक विल्सन ने बताया, कॉन्ज्यूरिंग सीरीज़ में एड और लॉरेन वॉरेन की जोड़ी दर्शकों के लिए क्यों है इतनी खास

मुंबई: न्यू लाइन सिनेमा पेश कर रही है 2 बिलियन डॉलर से अधिक कमाई करने वाले कॉन्ज्यूरिंग यूनिवर्स की नौवीं फिल्म, द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स, जिसका निर्देशन फ्रेंचाइज़ी के अनुभवी माइकल चावेस ने किया है और प्रोड्यूस फ्रेंचाइज़ी के आर्किटेक्ट्स जेम्स वान और पीटर सफ्रान ने किया है। ‘द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स’ कॉन्ज्यूरिंग सिनेमैटिक यूनिवर्स […]

Continue Reading

झूठे मुकदमों का कारोबार और वकीलों की जवाबदेही: जब न्याय के प्रहरी ही अपराधी बन जाएँ, तो कानून की आस्था कैसे बचे?

प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार झूठे मुकदमे केवल निर्दोषों को पीड़ा नहीं देते, बल्कि न्याय तंत्र की नींव को भी हिला देते हैं। जब वकील ही इस व्यापार में शामिल होते हैं तो वकालत की गरिमा और न्यायपालिका की विश्वसनीयता दोनों पर गहरा आघात होता है। ऐसे वकीलों पर आपराधिक मुकदमे चलना अनिवार्य […]

Continue Reading

वाराणसी में बीएसई का मेगा निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, वित्तीय साक्षरता के प्रति किया जागरूक

वाराणसी : बीएसई ने सीडीएसएल के साथ मिलकर और सेबी के सहयोग से वाराणसी, उत्तर प्रदेश में एक बड़ा निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की थीम ‘शिक्षित से विकसित’ थी। इसे बीएसई के इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड (आईपीएफ) ने आयोजित किया, जिसका उद्देश्य निवेशकों को उचित जानकारी देकर जागरूक बनाना रहा, ताकि वे साइबर […]

Continue Reading

16,000 युवाओं को कामकाजी कौशल से सशक्त करने के लिए एक्सिस बैंक फाउंडेशन और मेधा की साझेदारी

• यह पहल उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार में युवाओं के लिए आर्थिक अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखती है। इसके तहत उन्हें 21वीं सदी के कौशल, कार्यस्थल का अनुभव और विभिन्न क्षेत्रों में करियर के अवसर प्रदान किए जाएंगे। • इस कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 9,600, हरियाणा में 4,800 और बिहार में […]

Continue Reading

पोर्ट बना वैश्विक मुकाबले का चेहरा: “इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी” से बदलेगा भारत का पोर्ट भविष्य

नई दिल्ली: भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर आज जिस तेज़ी से बदल रहा है, उसमें ‘इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी’ (आईटीयू) एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो रहा है। आईटीयू मॉडल का मतलब है पोर्ट, रेल, रोड, एयर और लॉजिस्टिक्स सर्विसेज़ को एकीकृत करना, ताकि माल और लोगों की आवाजाही तेज़, सस्ती और प्रभावी हो सके। इस मोर्चे पर अदाणी […]

Continue Reading

पीएम मोदी ने बढ़ाया पैरा-स्पोर्ट्स का हौंसला, नई दिल्ली विश्व पैरा चैंपियनशिप में 104 देशों के 2,500 से ज्यादा प्रतिभागी उतरेंगे मैदान में

लखनऊ: भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक ऐतिहासिक पल के रूप में, श्रीमती वनाति श्रीनिवासन, विधायक और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) की मुख्य संरक्षक, ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मुलाकात की और उन्हें पुष्पगुच्छ व पारंपरिक अंगवस्त्रम भेंट करते हुए व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली 2025 के उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित […]

Continue Reading

घुमन्तु समाज को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए जरुरी है केंद्र व राज्य सरकारों की इच्छाशक्ति

भारत की सांस्कृतिक विविधता में घुमंतू समाज एक अनमोल रत्न की तरह है, जो अपनी अनूठी जीवनशैली और परंपराओं के साथ देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना का अभिन्न हिस्सा रहा है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से यह समाज, दशकों से अपनी खानाबदोश प्रकृति के कारण मुख्यधारा से कटा हुआ है और आज भी मूलभूत सुविधाओं व अधिकारों […]

Continue Reading