पापा के ‘दीना-मामा’ का आखिरी भोजन और आखिरी सफर

मेरी मौसी स्वर्गीय श्रीमती पुष्पलता उपाध्याय एवं मेरे मौसाजी स्वर्गीय प्रोफेसर के.सी.उपाध्याय..एडवोकेट का बेलनगंज के कचौरा-बाजार में तिमंजिला आवास था. जो पण्डितजी के रक्त और वंश से आते हैं..मौसाजी सुप्रसिद्ध अधिवक्ता थे और स्वयं भी संघ के स्वयंसेवक थे.. बरस 1968 की नौ फरवरी..मैं लगभग आठ वर्ष की थी… पिता श्री ईश्वरी प्रसाद शर्मा (अब […]

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