मुंबई। एक मकान को घर बनाने का जिम्मा सदियों से महिलाओं के कंधों पर रहा है। वे अपने प्रेम, त्याग और देखभाल से किसी भी स्थान को ‘घर’ का स्वरूप देती हैं। लेकिन इसी घर की नींव में अक्सर उस महिला का अपना अस्तित्व और उसकी पहचान कहीं खो जाती है। स्टार प्लस का लोकप्रिय धारावाहिक ‘अनुपमा’ इसी गहरे और भावनात्मक सवाल को अपने नए ट्रैक के माध्यम से समाज के सामने रख रहा है: “आखिर एक औरत का अपना घर कौन सा है?”
यह नया ट्रैक उस पारंपरिक सोच को सीधी चुनौती दे रहा है, जहां समाज यह तो उम्मीद करता है कि महिला घर बसाए, लेकिन उसे स्वयं अपना घर बनाने या उसमें मालिकाना हक रखने के लिए शायद ही कभी प्रोत्साहित किया जाता है। ‘अनुपमा’ का यह प्रयास महज मनोरंजन तक सीमित न रहकर एक गंभीर सामाजिक विमर्श की शुरुआत है।
रूपाली गांगुली का सशक्त संदेश
शो की मुख्य अभिनेत्री रूपाली गांगुली, जो अनुपमा के किरदार में दर्शकों के दिलों पर राज करती हैं, ने इस विषय पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा, “अनुपमा ने वर्षों तक परिवारों को जोड़े रखने में अपनी पूरी ज़िंदगी समर्पित कर दी, लेकिन अब वह उस सवाल के साथ खड़ी है जो हर महिला के मन में कहीं न कहीं दबे स्वर में होता है—’मेरा घर कहाँ है?’”
रूपाली ने आगे कहा, “मेरा स्पष्ट मानना है कि हर महिला को उस आत्मविश्वास और सुरक्षा की आवश्यकता है जो एक ऐसे स्थान से मिलती है जिसे वह पूरी तरह से ‘अपना’ कह सके। महिलाओं को केवल घर बसाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपना घर खुद बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अगर ‘अनुपमा’ की यह कहानी किसी भी महिला को अपनी आर्थिक आज़ादी और सपनों के बारे में पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती है, तो हम अपने उद्देश्य में सफल हैं। अब समय आ गया है कि समाज औरतों को अपना घर बनाने का अधिकार उसी मज़बूती से दे, जितनी मज़बूती से हम उनसे घर बसाने की उम्मीद करते हैं।”
यह शो न केवल एक घरेलू कहानी है, बल्कि यह उन लाखों महिलाओं के लिए एक आईना है जो अपनी पहचान की तलाश में हैं। आप ‘अनुपमा’ को स्टार प्लस पर रात 10:00 बजे और जियोहॉटस्टार पर देख सकते हैं।
- सेवा, संवेदना और संस्कृति का संगम बना दिव्य सेवा ट्रस्ट आगरा का स्थापना दिवस - September 23, 2026
- चुनाव आयोग में कथित मतभेदों पर गरमाई सियासत: विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा, तत्काल सर्वदलीय बैठक की मांग - September 23, 2026
- ताजनगरी में मोरारी बापू की रामकथा का भावपूर्ण विश्राम: बोले—वैराग्य संसार से भागना नहीं, बल्कि आसक्ति से मुक्ति है - September 23, 2026