लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि, पूरे प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर खाने-पीने की दुकानों पर संचालकों-मालिकों को अपना नाम और पहचान बतानी होगी। उन्होंने कहा कि, कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया गया है। इसके अलावा हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले के बाद अब सियासत शुरू हो गयी है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसको लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कावंड़ यात्रा मार्ग पर व्यापारियों को अपनी-अपनी दुकानों पर ‘नेमप्लेट’ लगाने के सरकार के निर्देश की बसपा प्रमुख मायावती ने निंदा की है। मायावती ने सोशल मीडिया पर एक्स पर शुक्रवार को किए एक पोस्ट में लिखा, ”यूपी व उत्तराखंड सरकार द्वारा कावंड़ मार्ग के व्यापारियों को अपनी-अपनी दुकानों पर मालिक व स्टाफ का पूरा नाम प्रमुखता से लिखने व मांस बिक्री पर भी रोक का यह चुनावी लाभ हेतु आदेश पूर्णतः असंवैधानिक। धर्म विशेष के लोगों का इस प्रकार से आर्थिक बायकाट करने का प्रयास अति-निन्दनीय।”
यूपी सरकार ने प्रदेश में कांवड़ यात्रा मार्गों पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ‘नेमप्लेट’ को अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से शुक्रवार को जानकारी दी गई कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पाद बेचने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
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