प्रसिद्धि की बैसाखी बनता साहित्य में चौर्यकर्म

डॉ सत्यवान सौरभ हरियाणा के एक लेखक द्वारा राज्य गान के रूप में एक गीत के चयन को लेकर हाल ही में एक बहस छिड़ी है, जिस पर साहित्यिक चोरी का आरोप लगाया गया है। अन्य लेखकों ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की है और इसे राज्य के मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया […]

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जीवंत होली उत्सव की साक्षी बड़वा की समृद्ध होली परम्परा

गांव के ऐतिहासिक झांग आश्रम में सबसे बड़ी डफ मंडली बसंत पंचमी पर एक उत्सव की शुरुआत करती है, जो गांव के हर कोने को जीवंत धमाल से भर देती है। इसी तरह, बाबा रामदेव मेला मंदिर में होली उत्सव एक अनूठी शैली में मनाया जाता है। होली के दौरान, मंदिर में एक भव्य डफ […]

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राजनैतिक व्यंग्य समागम: हे भागवत जी, कुछ ऐसी कथा कहो कि आपका श्रोता सुनते-सुनते सो जाए!

1. हे भागवत जी, कुछ ऐसी भागवत-कथा कहो कि आपका श्रोता सुनते-सुनते सो जाए! : विष्णु नागर खबर है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा की अगले महीने बंगलूरू में होने वाली बैठक में ‘हिंदू जागरण’ पर चर्चा होगी। यह अत्यंत शुभ विचार है, क्योंकि पिछले साढ़े दस साल से हिंदू को इतना जगाया […]

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गोबर पीने तक का ज्ञान दे रहे हैं नेता लोग: नेता तोड़ रहे भाषा की मर्यादा, असली मुद्दे गायब गुड़ ‘गोबर’ हुई राजनीति

डॉ सत्यवान सौरभ चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की बयानबाजी अक्सर चरम पर पहुंच जाती है। पार्टी नेता अपनी बात बेबाकी से कहने लगते हैं, जिससे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है। हाल ही में संसद और विधानसभाओं में भी व्यक्तिगत हमले बढ़े हैं। उदाहरण के लिए, हरियाणा के विधायक राजकुमार गौतम ने […]

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अनहद कृति वार्षिकोत्सव: ‘विश्व-शांति, सहकार के सरोकार’ हिन्दी-गोष्ठी मियामी में

डॉ सत्यवान सौरभ 09 मार्च 2025 को अनहद कृति ई पत्रिका के सौजन्य से मियामी फ्लोरिडा, अमेरिका में ‘विश्व-शांति एवं सहकार के सरोकार: साहित्यिक संध्या’ गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें अंबाला, हरियाणा – भारत से अपनी बेटी विभा चसवाल के यहाँ मियामी, अमेरिका में मिलने आए ‘अनहद कृति ई-पत्रिका’ के संपादक-द्वय, श्री पुष्पराज चसवाल […]

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महिला पुरस्कारों की गरिमा और निष्पक्षता पर उठते प्रश्न

हमारे तेज़ी से बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल में, महिला पुरस्कारों का महत्त्व और आवश्यकता जांच के दायरे में आ रही है। हाल ही हरियाणा में महिला दिवस पर विवादित महिला का मुख्यमंत्री से सम्मान मामले ने गहरे प्रश्न सबके सामने रख दिए है। आज के सांस्कृतिक परिवेश में, जहाँ प्रतिनिधित्व को अक्सर प्राथमिकता दी […]

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यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन का भविष्य?

डॉ सत्यवान सौरभ यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन का दृष्टिकोण वर्तमान में अस्पष्ट है, जो राजनीतिक कारकों, सैन्य आवश्यकताओं और वैश्विक सम्बंधों द्वारा आकार लेता है। यूक्रेन को अमेरिकी सहायता का स्तर राजनीतिक परिदृश्य, यूक्रेन में चल रही सैन्य स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ सहयोग पर निर्भर करेगा। जैसे-जैसे अमेरिका और दुनिया भर में […]

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आखिर क्यों लोग वोट देने क्यों नहीं निकल रहे?

डॉ सत्यवान सौरभ क्या नागरिक कथित राजनीतिक तानाशाही से उत्पीड़ित महसूस कर रहे हैं और ब्रिटिश राज की याद कर रहे हैं? क्या लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया में रुचि कम हो रही है? ये ज्वलंत प्रश्न समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उठाए जा रहे हैं, जो चुनावों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय […]

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गायन-लेखन और शिक्षण के सारथी: अपनी कला के जरिये संस्कृति को बचाने की कोशिश में लगे मास्टर छोटूराम

डॉ सत्यवान सौरभ हरियाणा शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक मास्टर छोटूराम आज किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है। देश-विदेश में हज़ारों स्टेज कार्यक्रम दे चुके मास्टर छोटूराम देश के वीर-शहीदों शहीद भगतसिंह, सुभाष चद्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री, शहीद उद्यम सिंह के साथ-साथ अन्य सपूतों की जीवनी को जब अपने गीतों और किस्सों के माध्यम […]

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पारदर्शी और कुशल नेतृत्व के धनी कैबिनेट मंत्री ‘रणबीर गंगवा’

प्रियंका सौरभ 34 साल की राजनीतिक यात्रा में इन्होने कैबिनेट मंत्री के पद तक का सफ़र तय किया है। गंगवा ने राजनीति की शुरुआत अपने गाँव गंगवा से की थी। कृषि प्रगति और ग्रामीण कल्याण सुधार के साथ इन्होंने अपना सारा ध्यान बरवाला निवासियों के मानकों को ऊपर उठाने पर केंद्रित किया है। इन्होंने ग्रामीण […]

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