आगरा विकास मंच ने रचा सेवा का संजीवनी सूत्र, मासूम पैरों को दिया चलने का सहारा

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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.

आगरा। जब नन्हें कदम कांपते हुए उठते हैं और पहली बार ज़मीन छूते हैं, तो सिर्फ़ बच्चा नहीं, उम्मीद चलने लगती है। आगरा विकास मंच ने कुछ ऐसी ही उम्मीद को हकीकत में बदला, जब उसने निशुल्क हड्डी रोग एवं जोड़ प्रत्यारोपण शिविर में दिव्यांग बच्चों को कैलीपर्स पहनाकर खड़ा किया और चलने की राह दिखाई।


पोलियोग्रस्त बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

शिविर की सबसे मार्मिक बात रही – उन बच्चों की सेवा, जो अब तक माता-पिता की गोद से उतर नहीं पाए थे। कैलीपर्स लगाकर और फिजियोथेरेपी के माध्यम से उन्हें खड़े होने और धीरे-धीरे चलने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह एक चिकित्सकीय प्रयास नहीं, बल्कि जीवन को नए सिरे से शुरू कराने की चेष्टा है।


अध्यक्ष की संवेदनशील दृष्टि

आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन और संयोजक सुनील कुमार जैन ने बताया,

“आज का शिविर केवल इलाज का स्थान नहीं है, बल्कि यह उन मासूम बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की शुरुआत है, जो अब तक दूसरों पर निर्भर थे। अभी ये बच्चे माता-पिता की गोद में आते हैं, लेकिन कल खुद चलेंगे। जिनका कोई नहीं, उनके लिए यह शिविर ही जीवन का सहारा है।”


विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिखाया नई जीवनशैली का रास्ता

डॉ. विभांशु जैन ने मरीजों की जांच कर उन्हें वजन कम करने और संतुलित खान-पान अपनाने की सलाह दी। वहीं डॉ. अनिल कुशवाहा ने फिजियोथेरेपी के जरिए मरीजों को हड्डी व जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने की विधियां बताईं। मरीजों को यह भी बताया गया कि वे किस प्रकार घर पर रहकर भी व्यायाम और थैरेपी से राहत पा सकते हैं।


समर्पित चिकित्सकों और सेवाभावियों का साथ

इस मानव सेवा यज्ञ में डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. अरुण जैन, डॉ. विजय कत्याल, डॉ. बीके अग्रवाल और डॉ. सुनील शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं आशीष जैन, सुशील जैन और अंशु जैन जैसे स्वयंसेवकों ने सेवा में भाग लेकर न केवल आयोजन की सफलता सुनिश्चित की, बल्कि पुण्य भी कमाया।


संपादकीय

इस शिविर ने सिद्ध किया कि सेवा केवल दवा से नहीं होती, भावना से होती है। जो बच्चे चल नहीं सकते थे, उन्हें चलना सिखाकर मंच ने यह साबित कर दिया कि जब समाज अपनी कमजोर कड़ियों को थामता है, तभी वह संपूर्णता की ओर बढ़ता है। ऐसे प्रयास न केवल शरीर को, बल्कि समाज की आत्मा को भी स्वस्थ करते हैं। आगरा विकास मंच को नमन, जिसने सेवा को संवेदना के स्तर तक पहुंचाया।

Dr. Bhanu Pratap Singh