Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। देवी देवताओं की छवियों के गलत उपयोग से समाज में माहोल खराव होता है यदि यह काम सरकार और नगर निगम के द्वारा ही हो रहा हो तो इसे क्या कहेंगे। देवी देवताओं की छवि का उपयोग कहां और किस तरह किया जाए इसे लेकर बहस होती रहती है और आम लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।
नाले को ढंकने के लिए राधा कृष्ण की छवियों का होर्डिंग की तरह उपयोग
नगर निगम मथुरा-वृन्दावन द्वारा आम्बाखार नाले को जीआईसी के पास ढंकने के लिए होर्डिंग की तरह उपयोग की गईं राधा कृष्ण की छवियों को लेकर बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें लगातार ट्रेंड कर रही हैं और लोग अपने कमेंट कर रहे हैं। ज्यादातर लोग नगर निगम की आलोचना कर रहे हैं और इसे लेकर तरह तरह की बातें कर रहे हैं। सुनील शर्मा का कहना था कि अम्बाखार नाले को ढकना ही था तो कोई जन उपयोगी वाक्य लिख देते इस पर भगवान के छवि चित्रों को यहां क्यों लगाया गया है।
जो छोटी-छोटी बातों को लेकर आंदोलन करते रहते हैं वह चुप क्यों
दीपक सारस्वत ने पोस्ट डाली है कि भगवान कृष्ण की नगरी में यह सब होना ठीक नहीं है। इसी तरह के कमेंट लगातार चल रहे हैं। वहीं कुछ लोग नगर निगम पर अपनी भडास निकाल रहे हैं तो कुछ उन संगठनों पर कमेंट कर रहे हैं जो छोटी-छोटी बातों को लेकर आंदोलन करते रहते हैं।
निगम अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरों का सहारा ले रहा है
मनमोहन ने कमेंट में लिखा है कि मथुरा नगर निगम अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरों का सहारा ले रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरें एक नाले को ढकने के लिए लगाई गई है। सोचने का विषय यह है कि जिस जगह पर यह तस्वीरें लगी हैं वह नाला है लोग वहां पर लघु शंका भी करेंगे तो क्या भगवान की तस्वीर के आसपास लघु शंका की जगह पर लगाना उचित था। यह सीधा सीधा भगवान का अपमान है।
भगवान श्रीकृष्ण का अपमान इस तरह से करने से बचना चाहिए
दीपक ने इस विषय पर कहते हैं वैसे तो नगर निगम ने भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा नगरी को नर्क नगरी बना कर रख दिया है उससे भी बढ़कर के यह कृत्य घोर निंदनीय किया है। जिस स्थान पर इस तरह की पेंटिंग व चित्र भगवान श्रीकृष्ण के लगाये गये हैं उन स्थानों से नगर निगम को तत्काल इनको हटा लगना चाहिए और भगवान श्रीकृष्ण का अपमान इस तरह से करने से बचना चाहिए।
जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान है या उसके आसपास का क्षेत्र इतना सुन्दर होना चाहिए कि यहां हर दर्शनार्थी, तीर्थयात्री, पर्यटक तो उसे इस नगरी के प्रति श्रद्धा का भाव उत्पन्न हो और वह हमेशा यहां आने के लिए लालायित रहे।
- रिश्तों पर लगा कलंक: गोरखपुर में 15 साल के भतीजे को लेकर भागी 35 साल की चाची, शादी की जिद पर हुआ थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा - February 11, 2026
- UP Budget 2026-27: योगी सरकार ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड आवंटन - February 11, 2026
- राष्ट्रीय गीत को मिला नया सम्मान: केंद्र ने जारी किया ‘वंदे मातरम’ प्रोटोकॉल, सभी सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य - February 11, 2026