Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। संत प्रवर कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद महाराज ने पंडित जसराज के प्रति भाव-सुमन व्यक्त करते हुए कहा कि वह शास्त्रीय संगीत के पुरोधा संगीतकार से अधिक कृष्ण भक्त थे।
उन्होंने कहा कि बाल कृष्ण की लीला स्थली रमण रेती के प्रति हार्दिक श्रद्धा- भक्ति रखते थे। वह अनेक वर्षों में रमणरेती आते रहे हैं किंतु किसी समारोह या विशिष्ट अवसर पर नहीं अपितु ठाकुर रमण बिहारी के चरणों में गायन का भक्ति-प्रसाद प्राप्त करने आते थे।
कुटिया में श्रद्धा-भक्ति पूर्वक कृष्ण भक्ति संबंधी अष्टछाप कवियों के पद गायन करते थे
महाराजश्री अनन्य भक्त व आश्रम की पत्रिका ‘कार्ष्णि कलाप’ के संपादक पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने बताया कि आकस्मिक रूप से पंडित जसराज का महाराजश्री के पास फोन आता था कि मन अशांत है, कल रमणरेती पहुंच रहा हूं। पंडित जसराज जी रमण रेती आकर ठाकुर जी के समक्ष तथा महाराज जी की कुटिया में श्रद्धा-भक्ति पूर्वक कृष्ण भक्ति संबंधी अष्टछाप कवियों के पद गायन करते थे और कहते थे कि यहां आकर मुझे आत्मिक शांति प्राप्त होती है और महाराज जी के आशीर्वाद से परम प्रसन्नता की अनुभूति होती है।
- डॉ. अरुण चाइल्ड हॉस्पिटल आगरा के 25 वर्ष पूर्ण, 25 अप्रैल को निशुल्क बाल रोग शिविर, यहां कराओ पंजीकरण - April 23, 2026
- सिंधी सेंट्रल पंचायत Agra के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी का समाज के व्हाट्सएप जीवियों को करारा जवाब - April 14, 2026
- आरडी पब्लिक स्कूल Agra: शिक्षा के साथ संस्कार और प्रतिभा निखार का उत्कृष्ट केंद्र - April 10, 2026