रोजाना इस्तेमाल में आने वाली चीजें सेहत को नुकसान पहुंचा रही हैं। इनमें खतरनाक केमिकल ट्राईक्लोसन की मौजूदगी सेहत को धीरे-धीरे बिगाड़ रही है। टॉक्सिक लिंक (Toxics Link) की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। टॉक्सिक लिंक ने दिल्ली एनसीआर से रोजमर्रा की चीजों की जांच की जिसके आधार पर उसने यह दावा किया है।
रिपोर्ट के अनुसार टूथपेस्ट, हेयर कंडिश्नर, शैंपू, शेविंग क्रीम, डिओडरेंट, जूते, कपड़े, कैप्सूल, वॉटर बॉटल और बच्चों के खिलौनों में भी यह केमिकल मौजूद है।
फेफड़े और आंत को नुकसान
ट्राईक्लोसन नाम का यह खतरनाक केमिकल हमारे शीर में पहुंचकर फेफड़ों और आंतों को नुकसान पहुंचाने के साथ कैंसर तक का कारण बन रहा है। रिपोर्ट में कई ब्रांड के पानी की बोतलों के सैंपल लिए गए। इसमें एक लीटर पानी में औसतन 325 प्लास्टिक के कण मिले। इसी तरह प्लास्टिक के लंच बॉक्स में गर्म खाना डालने पर उसमें भी प्लास्टिक मिलता है।
रिपोर्ट के अनुसार सड़क पर गाड़ी के चलने से टायर की रगड़ से भी माइक्रोप्लास्टिक के कण हवा में आ रहे हैं जो सांस के जरिए शरीर में दाखिल हो रहे हैं।
पर्यावरण को भी नुकसान
टॉक्सिक लिंक के चीफ प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर प्रीति महेश ने कहा कि केमिकल सेहत और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है लेकिन इस दिशा में न तो स्टडी हो रही है और न ही इसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए मानक तय हो पाए हैं।
-एजेंसी
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