विधानसभा चुनाव से पहले 30 सूत्रीय मांगें पूरी करे योगी सरकार; आगरा में औटा ने उपजिलाधिकारी को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

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आगरा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राज्य की योगी सरकार पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर आयोजित प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आगरा में आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) के नेतृत्व में

शिक्षकों ने अपनी 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रेषित किया। शिक्षकों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी प्रमुख मांगों के समाधान की मांग करते हुए शासन से त्वरित व सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

​तय प्रदेशव्यापी रणनीति के तहत 5 नवंबर को दोपहर 12 बजे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी कार्यालयों में ज्ञापन सौंपने का समय निर्धारित किया गया था। इसी क्रम में आगरा में विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी एकजुटता दिखाई और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

​”उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निस्तारण जरूरी”

​ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिक्षक प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्यापन करा रहे शिक्षकों की सेवा संबंधी और प्रशासनिक समस्याएं लंबे समय से फाइलों में अटकी हुई हैं। शासन स्तर पर ठोस निस्तारण न होने के कारण शिक्षकों में गहरा असंतोष है। शिक्षकों ने 30 सूत्रीय मांग पत्र पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें शीघ्र लागू करने की मांग उठाई।

ज्ञापन स्वीकार करते हुए उपजिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों का पत्र यथाशीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा दिया जाएगा। वहीं शिक्षक नेताओं ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए चुनाव से पूर्व इन मांगों को पूरा कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।

शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों का निस्तारण केवल शिक्षक समुदाय के कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी और उच्च शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार आएगा।

​प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख शिक्षक रहे मौजूद

उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में औटा अध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र सिंह, महामंत्री प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. विक्रम सिंह, डॉ. दिग्विजय पाल सिंह, फुपुक्टा के जोनल सचिव प्रो. शिवकुमार सिंह, प्रो. अनुराग पालीवाल, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. रिजु निगम, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. पी.के. दीक्षित, डॉ. अचिंत वर्मा, प्रो. सुरेखा तोमर, डॉ. शैलेंद्र कुमार, प्रो. मधु चौधरी, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. केशव सिंह, डॉ. अविनाश जैन, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. चेतन गौतम तथा डॉ. रवींद्र प्रताप सिंह समेत भारी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

​सभी शिक्षक नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि सरकार को 30 सूत्रीय मांगों को अविलंब मंजूर कर प्रदेश के उच्च शिक्षा जगत को राहत और न्याय प्रदान करना चाहिए।

Dr. Bhanu Pratap Singh