सपा नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली अंतरिम राहत: ED की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ट्रांसफर; 16 नवंबर को होगी सुनवाई

REGIONAL

नई दिल्ली/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) से फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की याचिका पर विचार करते हुए मामले को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) स्थानांतरित कर दिया है।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि 16 नवंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट की एक दो सदस्यीय खंडपीठ (Division Bench) इस पूरे मामले की विस्तृत सुनवाई करे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तत्काल कोई अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया और उनकी रिहाई व राहत संबंधी मांग पर विचार करने का अधिकार पूरी तरह हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार पर छोड़ दिया है।

​गौरतलब है कि सपा नेता आजम खान ने जेल से रिहा होने के तुरंत बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एक नए मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी और हिरासत की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। आजम खान के वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका को तत्काल सूचीबद्ध (Urgent Listing) करने का विशेष उल्लेख किया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने चालू सप्ताह में सुनवाई की सहमति व्यक्त की थी।

रिहाई के महज 40 मिनट बाद ED ने लिया था कस्टडी में

आजम खान की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की गई याचिका में कहा गया था कि 29 अक्टूबर को बहुचर्चित ‘डुअल पैन कार्ड’ मामले में जैसे ही वे जेल से रिहा हुए, उसके महज 40 मिनट के भीतर ईडी ने उन्हें एक नए मनी लॉन्ड्रिंग केस में फिर से गिरफ्तार कर लिया। याचिका में उन्होंने 1 नवंबर के विशेष अदालत (Special Court) के उस आदेश को भी पूरी तरह रद्द करने की मांग की थी, जिसके तहत उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेजा गया था। इसके अलावा उन्होंने याचिका के लंबित रहने के दौरान अंतरिम कस्टडी से तुरंत रिहाई की गुहार भी लगाई थी, लेकिन टॉप कोर्ट से उन्हें कोई त्वरित राहत मिलती नजर नहीं आई।

अब 16 नवंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट पर टिकीं निगाहें

सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब पूरा कानूनी मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के पाले में चला गया है। 16 नवंबर को हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच इस बात पर सुनवाई करेगी कि आजम खान की ईडी गिरफ्तारी वैध थी या नहीं और क्या उन्हें कस्टडी से राहत दी जानी चाहिए। फिलहाल आजम खान को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, और अब उनकी कानूनी टीम 16 नवंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपनी नई दलीलें पेश करने की तैयारी कर रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh