लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर एक बार फिर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापनों और पब्लिसिटी पर खर्च किए गए भारी-भरकम रुपयों का एक डेटा शेयर किया है, जिसमें यह बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विज्ञापनों पर जनता के कितने करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए गए हैं। इसी डेटा और विज्ञापनों के बहाने सपा प्रमुख ने डबल इंजन सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए लिखा, “बनाने चले Brand, बज गया Band! अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं। डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया। अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।”
‘अधिकारियों के घर-महल जरूर बन गए, छवि का हुआ एनकाउंटर’
सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए सपा अध्यक्ष ने आगे लिखा, “इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।”
एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और जनता के सवाल
अपने इस तीखे व्यंग्य को आगे बढ़ाते हुए अखिलेश यादव ने जनता के मन की बात को सामने रखते हुए सवाल किया कि आज जनता यह पूछ रही है कि क्या लखनऊ से गोरखपुर के लिए कोई डायरेक्ट ट्रेन उपलब्ध है? क्योंकि सरकार द्वारा बनाए गए तथाकथित ‘भाजपाि एक्सप्रेसवे’ पर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने का जोखिम कोई भी आम नागरिक नहीं उठाना चाहता है। उन्होंने तंज कसते हुए अंत में लिखा कि ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स (Movers and Packers) भी अब पूरी तरह तैयार बैठे हैं।
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